उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड ने 12 वर्षीय एक बच्ची पर जानलेवा हमला कर दिया. हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है. फिलहाल, बच्ची लखनऊ के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है.
घटना नगर पंचायत बेलहरा के मोहल्ला बखरिया टोला की है. घायल बच्ची की पहचान पंकज कुमार की 12 वर्षीय बेटी ज्योति के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, ज्योति सुबह घर से दूध लेने निकली थी, तभी गली के बाहर मौजूद चार से पांच आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया और अचानक हमला कर दिया.
यह भी पढ़ें: बाराबंकी: पत्रकार बताकर वसूली करने वाले गैंग पर एक्शन, महिला समेत 4 गिरफ्तार
कुत्तों ने जमीन पर गिराकर किया बर्बर हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देखते ही देखते कुत्तों की संख्या बढ़कर करीब आठ हो गई. कुत्तों ने बच्ची को जमीन पर गिरा दिया और उसके हाथ, पैर और पीठ पर बुरी तरह काटना शुरू कर दिया. हमले में बच्ची के शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हो गए और वह खून से लथपथ हो गई.
बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. लोगों ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों की मदद से किसी तरह कुत्तों को भगाया. एक पड़ोसी ने बताया कि 6 से 7 कुत्ते बच्ची को नोच रहे थे और शरीर पर करीब 100 जख्म बताए जा रहे हैं.
सीएचसी से लखनऊ रेफर, हालत गंभीर
हमले के बाद परिजन आनन-फानन में ज्योति को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया और एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया. लेकिन बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए उसे लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया.
पिता पंकज कुमार ने बताया कि उनकी बेटी सुबह दूध लेने गई थी, तभी कुत्तों ने हमला कर दिया. डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए लखनऊ भेज दिया है, जहां वह अभी भर्ती है. परिजनों का कहना है कि बच्ची की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है.
प्रशासन पर सवाल, पुलिस भी अनजान
घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत और गुस्से का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक है, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.
पीड़िता की मां ने बुधवार को मोहम्मदपुर खाला पुलिस को घटना की जानकारी दी. हालांकि, जब थाना प्रभारी से संपर्क किया गया तो उनका सीयूजी नंबर स्विच ऑफ मिला. वहीं, सीओ फतेहपुर जगत कन्नौजिया ने भी इस गंभीर घटना से अनभिज्ञता जताई और नेटवर्क की समस्या की बात कही. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कब प्रशासन आवारा कुत्तों के आतंक पर लगाम लगाएगा.
सैयद रेहान मुस्तफ़ा