UP: लाइन में जनता, गोदाम में खेल... SDM के छापे ने खोल दी गैस कालाबाजारी की पोल, 395 सिलेंडरों की हुई हेराफेरी

बांदा में गैस की किल्लत के बीच एसडीएम के छापे में एक गैस एजेंसी पर 395 सिलेंडरों की कालाबाजारी पकड़ी गई. पोर्टल और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला. जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई गई. उपभोक्ताओं ने कई दिनों से गैस न मिलने और महंगे दामों पर बिक्री के आरोप लगाए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

Advertisement
बांदा में गैस माफिया बेनकाब.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG) बांदा में गैस माफिया बेनकाब.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)

सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 21 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:21 PM IST

यूपी के बांदा में घरेलू गैस की किल्लत के बीच बड़ा खुलासा सामने आया है. डीएम के निर्देश पर जमीनी हकीकत परखने पहुंचे एसडीएम ने एक गैस एजेंसी पर छापा मारकर 395 सिलेंडरों की कालाबाजारी पकड़ ली. छापेमारी के दौरान सामने आई गड़बड़ियों से अधिकारी भी हैरान रह गए. मौके पर भारी संख्या में सिलेंडरों की हेराफेरी पाए जाने के बाद सीधे एफआईआर दर्ज कराई गई है और पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है.

Advertisement

गौरतलब है कि जिले में गैस की कमी को लेकर हालात गंभीर बने हुए हैं. एजेंसियों पर सैकड़ों लोग लाइन में लगकर गैस का इंतजार कर रहे हैं. कई दिनों से गैस नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है और लोग सड़कों पर उतरकर विरोध भी कर चुके हैं. इसके बावजूद पूर्ति विभाग के अधिकारी सब कुछ सामान्य होने की रिपोर्ट दे रहे थे.

इसी बीच डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें गैस एजेंसी में भारी अनियमितताएं सामने आईं. छापेमारी में बड़ी मात्रा में सिलेंडरों की कालाबाजारी का जखीरा पकड़ा गया.

यह भी पढ़ें: बांदा में DM के अर्दली को बेकाबू थार ने रौंदा, हालत गंभीर, बाइक के उड़े परखच्चे

छापेमारी में खुला बड़ा खेल

जानकारी के अनुसार, ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान गैस की किल्लत की स्थिति बनी हुई है. अधिकारियों का दावा था कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत मिली. त्योहारों के बीच उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल पा रही थी और एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी थीं.

Advertisement

सूत्रों के मुताबिक, गैस एजेंसी संचालक इस स्थिति का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे थे. उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें 4-5 दिनों तक गैस नहीं मिलती, जबकि सिलेंडर महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं. पूर्ति विभाग के अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगे हैं.

जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी के पोर्टल पर स्टॉक सही दिखाया जा रहा था, लेकिन भौतिक सत्यापन में भारी अंतर मिला.

एफआईआर दर्ज, सख्त कार्रवाई के निर्देश

एसडीएम नरैनी अमित शुक्ला ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी, होटल और रेस्टोरेंट की जांच की गई. गैस एजेंसी में पोर्टल और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया. जांच में 191 घरेलू और 204 कमर्शियल सिलेंडर कम पाए गए, कुल मिलाकर 395 सिलेंडरों की गड़बड़ी सामने आई.

एसडीएम द्वारा जवाब मांगे जाने पर संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, जिसके बाद पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई. डीएम के निर्देश पर नरैनी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है.

एसडीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement