उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक सर्राफा व्यापारी को धमकी भरा पत्र मिलने से हड़कंप मच गया. पत्र में उसके बेटे के अपहरण, फिरौती की मांग और पैसे न देने पर पूरे परिवार की हत्या की धमकी दी गई थी. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में पड़ोसी जिले चित्रकूट में व्यापारी के बेटे के अपहरण और हत्या की सनसनीखेज घटना लोगों के जेहन में ताजा है.
मांगी पांच लाख रुपये की फिरौती
मामला तिंदवारी थाना क्षेत्र का है. बेंदा घाट निवासी डिंपल सोनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सर्राफा व्यापारी हैं और उनकी दुकान घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है. बीते दिनों उनकी दुकान में एक धमकी भरा पत्र पहुंचा, जिसे पढ़कर वह और उनका परिवार दहशत में आ गया. पत्र में उनके बेटे को अगवा करने, पांच लाख रुपये की फिरौती मांगने और रकम न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई थी.
'बच्चे की बॉडी देखने के लिए तैयार रहना'
धमकी भरे पत्र में बदमाशों ने लिखा था कि 'सुन डिंपल तेरा फैमिली बैकग्राउंड सब जानता हूं, तुम्हारे लड़के की मुझे तीन लाख में सुपारी मिली है. अब तुम क्या चाहते हो, बच्चे की जान या 5 लाख कैश चाहिए. देख अगर तू चाहता है कि तेरी फैमिली सलामत रहे, तो 5 लाख का कैश तैयार रखना, अगर नहीं चाहता तो अपने बच्चे की बॉडी देखने के लिए तैयार रहना. हम तुझसे सम्पर्क करेंगे, जो भी फैसला हो बता देना. अगर किसी को बताने की कोशिश की तो अपनी पत्नी और बच्चे को खो दोगे. मैं तुझसे एक बार सम्पर्क करूंगा, जो भी फैसला हो बता देना'.
धमकी देने वाले बदमाश गिरफ्तार
पत्र मिलते ही डिंपल सोनी ने बिना देरी किए तिंदवारी थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी और पत्र सौंपा. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई.
जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों शनि सिंह और भानु सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्हें पैसों की जरूरत थी, इसी वजह से उन्होंने व्यापारी को डराने और रंगदारी वसूलने की साजिश रची. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.
सिद्धार्थ गुप्ता