अयोध्या: चोरी के लिए ड्रोन से रेकी की उड़ी अफवाह, रात में पहरेदारी, भीड़ ने कई लोगों को पीटा

अयोध्या के ग्रामीण इलाकों में ड्रोन से चोरी की रेकी जैसी झूठी खबरों ने भीड़तंत्र को उकसा दिया जिसके बाद निर्दोष राहगीरों, मानसिक रोगियों और ग्रामीणों को चोर समझकर पीटा जा रहा है. इस मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. SSP ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाना अपराध है. सतर्क रहें लेकिन कानून हाथ में न लें.

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भीड़तंत्र का शिकार हुआ विक्षिप्त युवक (Photo: Screengrab) भीड़तंत्र का शिकार हुआ विक्षिप्त युवक (Photo: Screengrab)

मयंक शुक्ला

  • अयोध्या,
  • 19 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 2:22 PM IST

अयोध्या के ग्रामीण इलाकों में बीते दिनों सोशल मीडिया पर फैली झूठी खबरों ने माहौल को इतना खराब कर दिया कि कई निर्दोष भीड़तंत्र के शिकार बन गए. ड्रोन से चोरी की रेकी की अफवाहों ने खंडासा, मिल्कीपुर, रौनाही और कुमारगंज जैसे क्षेत्रों में ग्रामीणों को इस कदर डराया कि लोग रात में लाठियां लेकर पहरा देने लगे. मामूली आवाज या किसी संदिग्ध को देखते ही लोग बिना सच जाने हमले करने लगे.

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बीते दिनों कई निर्दोष लोग अफवाह की वजह से हिंसा के शिकार हुए. खंडासा में अपनी बहन के घर जा रहे ओमप्रकाश को भीड़ ने चोर समझकर पीट दिया. उनके बहनोई और भाई को भी भीड़ का शिकार होना पड़ा. वहीं, रौनाही के बुधौली गांव में मानसिक रूप से बीमार युवक को पेड़ से बांधकर पीटा गया, बाद में पता चला कि वह बिहार के सीवान का निवासी है.

चोरी के लिए ड्रोन से रेकी की अफवाह

महाराजगंज थाना क्षेत्र के टिकरा बाहरी गांव में ग्रामीणों ने जिस ‘ड्रोन’ की सूचना दी थी, पुलिस जांच में वह केवल नीली लाइट वाला खिलौना निकला. अयोध्या के SSP गौरव ग्रोवर ने साफ कहा कि सतर्क रहना जरूरी है, लेकिन अफवाह फैलाना अपराध है. पुलिस ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें झूठी सूचना देकर पुलिस को बुलाने वाला विकास भी शामिल है.

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पुलिस ने सात लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत 112 नंबर या नजदीकी थाने को सूचना दें. किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह फैलाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. जिले के अपर पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने कहा, सतर्क रहना आवश्यक है, लेकिन कानून अपने हाथ में लेना अपराध है. सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी वीडियो या संदेशों की जांच की जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा. पुलिस अब सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और जागरूकता अभियान पर जोर दे रही है ताकि निर्दोष लोग भीड़तंत्र की हिंसा से बच सकें.
 

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