लखनऊ में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद शिया समुदाय में गहरा शोक है. इस सिलसिले में शहर में तीन दिन के शोक की अपील की गई है. समुदाय के प्रमुख धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने लोगों से इस दौरान अपने-अपने स्तर पर शोक मनाने और एकजुटता दिखाने की अपील की है.
खामेनेई की मौत के बाद लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन हो रहा है. शिया समुदाय के लोगों ने शोक घोषित करने के साथ ही सड़कों पर प्रदर्शन किया. वहीं अपील में कहा गया है कि शोक के इन तीन दिनों के दौरान सभी घरों, इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर काले परचम लगाए जाएं. इसे शोक का प्रतीक माना जा रहा है. साथ ही शहर के दुकानदारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखें, ताकि पूरे शहर में एकजुटता के साथ शोक व्यक्त किया जा सके.
इस शोक कार्यक्रम के तहत आज रात 8 बजे शहर के ऐतिहासिक छोटा इमामबाड़ा में एक विशेष शोकसभा आयोजित की जाएगी. इस शोकसभा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है.
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शोकसभा के बाद कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा, जिसमें लोग मोमबत्तियां जलाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल शोक व्यक्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एकजुटता और इंसानियत के संदेश को भी आगे बढ़ाने का प्रयास है.
इसके अलावा, पूरे देश में एक साथ शोकसभा आयोजित करने की भी अपील की गई है, ताकि अलग-अलग शहरों में रहने वाले लोग भी इस दुख की घड़ी में एकजुट होकर श्रद्धांजलि दे सकें.
आयोजकों ने खासतौर पर इंसानियत पसंद लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है. उनका कहना है कि यह केवल एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरी मानवता का मुद्दा है, जहां शांति, एकता और सम्मान के मूल्यों को आगे बढ़ाने की जरूरत है. फिलहाल लखनऊ में इस घोषणा के बाद शोक का माहौल है और लोग बड़ी संख्या में शोकसभा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं.
आशीष श्रीवास्तव