आतंकी संगठनों से संपर्क के आरोपों में गुजरात एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए फैजान के मामले में जांच आगे बढ़ गई है. इस सिलसिले में गुजरात एटीएस की टीम उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के स्वार तहसील पहुंची और फैजान के घर व आसपास के इलाके में पूछताछ की. टीम ने मोहल्ले के लोगों से जानकारी जुटाई और स्थानीय स्तर पर फैजान से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की.
जांच के दौरान एटीएस की टीम नगर पंचायत कार्यालय भी पहुंची, जहां फैजान के जन्म प्रमाण पत्र को लेकर जानकारी ली गई. नगर पंचायत अध्यक्ष से बातचीत की गई और यह जानने की कोशिश की गई कि फैजान से संबंधित कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद है या नहीं. इस दौरान क्षेत्र के लोगों में भी हलचल देखी गई.
यह भी पढ़ें: UP: रामपुर में विधवा को शादी का झांसा देकर 4 साल तक किया यौन शोषण, बेटी पैदा हुई तो...
नगर पंचायत अध्यक्ष ने फैजान को बताया बेगुनाह
नगर पंचायत अध्यक्ष खालिद खान ने एटीएस अधिकारियों से मुलाकात के बाद फैजान को बेगुनाह बताया और उसके लिए इंसाफ की गुहार लगाई. उन्होंने बताया कि वह अहमदाबाद जाकर अधिकारियों से मिले थे और फैजान के पिता को उससे मिलवाया गया. काफी देर तक बातचीत चली और अधिकारियों से पूरे मामले को लेकर सवाल किए गए.
खालिद खान के मुताबिक अधिकारियों ने कहा कि फैजान एक साधारण बच्चा है और उस पर सिर्फ एक पोस्ट को लेकर आपत्ति है. अध्यक्ष ने बताया कि अधिकारियों का कहना था कि पोस्ट हिंदू-मुसलमान से जुड़ी थी, जिसे गलत तरीके से देखा गया. इस पर अध्यक्ष ने कहा कि अगर पोस्ट भड़काऊ है तो उसकी धारा अलग होनी चाहिए, लेकिन बच्चे की हालत और उम्र को देखते हुए रियायत दी जानी चाहिए.
गरीबी, कम उम्र और मोबाइल को बताया बड़ी वजह
नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि फैजान बेहद गरीब परिवार से आता है. उसका मकान बेहद जर्जर हालत में है और वह कभी स्कूल नहीं गया. उसने काम सीखने के लिए बाहर जाना शुरू किया और कपड़े सिलाई का काम करता था. उनकी उम्र के मुताबिक उसने इतना सीख लिया, यही बड़ी बात है.
फैजान से मुलाकात के दौरान अध्यक्ष ने बताया कि बच्चे के पिता उससे काफी देर तक मिलते रहे और रोते रहे. फैजान की मां की हालत भी बेहद खराब है. अध्यक्ष ने अधिकारियों से मां से बात कराने की भी अपील की, जिस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया. अधिकारियों ने यह भी कहा कि फैजान ने जितना किया है, उतनी ही कार्रवाई होगी, उससे ज्यादा कुछ नहीं किया जाएगा.
जन्म प्रमाण पत्र को लेकर एटीएस की जांच
जब एटीएस टीम रामपुर पहुंची तो उन्होंने फैजान के जन्म प्रमाण पत्र को लेकर सवाल किए. नगर पंचायत अध्यक्ष ने साफ कहा कि फैजान का जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ है, क्योंकि वह कभी स्कूल नहीं गया और जन्म के समय का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. न तो किसी दाई या डॉक्टर की एंट्री रजिस्टर में उसका नाम है.
एटीएस टीम ने नगर पंचायत में इस संबंध में औपचारिक जांच की और ईओ को नोटिस देकर पूछा कि क्या कभी फैजान का जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ है. नगर पंचायत की ओर से लिखित जवाब दिया गया कि उनके रिकॉर्ड से कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है. यह जवाब एटीएस टीम को सौंप दिया गया.
फैजान के पिता का दर्द, बेटे को बताया मासूम
फैजान के पिता शकील ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं और बेटे को काम सीखने के लिए बाहर भेजा था, ताकि परिवार को सहारा मिल सके. अहमदाबाद जाकर बेटे से मिलने का अनुभव उनके लिए बेहद डरावना था. उन्होंने बताया कि शुरुआत में कोई उनके साथ जाने को तैयार नहीं था, बाद में नगर पंचायत अध्यक्ष उनके साथ गए.
शकील के मुताबिक फैजान ने उनसे कहा कि उसे कोई तकलीफ नहीं दी जा रही है और उसे खुद नहीं पता कि उससे क्या गलती हो गई. उसने कहा कि मोबाइल से कुछ ऐसा हो गया, जिसकी उसे जानकारी नहीं है. पिता ने बताया कि फैजान बिल्कुल पढ़ा-लिखा नहीं है और मोबाइल चलाना भी ठीक से नहीं जानता.
घर पहुंची एटीएस टीम, मोहल्ले में दहशत
फैजान के पिता ने बताया कि एटीएस की टीम उनके घर भी आई थी. टीम ने मोहल्ले के चार लोगों के नाम पूछे और उनके आधार कार्ड की फोटोकॉपी ली. टीम करीब दो घंटे तक वहां रही और घर की तस्वीरें भी ली गईं. इस दौरान परिवार काफी डर गया था.
पिता का कहना है कि फैजान ने शायद अनजाने में कोई पोस्ट कर दी, जिसे लेकर उस पर गंभीर आरोप लग गए. उन्होंने कहा कि उनका बेटा ऐसा काम करने वाला नहीं है और मोबाइल की वजह से उसकी जिंदगी उलझन में फंस गई. पूरे इलाके में इस मामले को लेकर चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है.
आमिर खान