अमेठी के संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड, BJP पर भड़की कांग्रेस, जानिए पूरा मामला

अमेठी के संजय गांधी अस्पताल में एक 22 वर्षीय विवाहिता दिव्या शुक्ला की ऑपरेशन से पूर्व एनेस्थीसिया का डोज दिए जाने के बाद मौत हो गई थी. दिव्या शुक्ला की मौत का मामला गरमा गया और बात लखनऊ तक पहुंच गई. मामले का संज्ञान उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने लिया और तत्काल जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कार्यवाही करने के लिए कहा.

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संजय गांधी अस्पताल को किया गया बंद संजय गांधी अस्पताल को किया गया बंद

अभिषेक कुमार त्रिपाठी

  • अमेठी ,
  • 21 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:30 AM IST

Uttar Pradesh News: अमेठी जिले के मुंशीगंज में गांधी परिवार द्वारा स्थापित संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करते हुए उसकी ओपीडी और सारी सेवाएं बंद कर दी गई हैं. दरअसल, संजय गांधी अस्पताल में 14 सितंबर को एक 22 वर्षीय विवाहिता दिव्या शुक्ला की ऑपरेशन से पूर्व एनेस्थीसिया का डोज दिए जाने के बाद मौत हो गई थी. दिव्या शुक्ला की मौत का मामला गरमा गया और बात लखनऊ तक पहुंच गई. 

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मामले का संज्ञान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने लिया और तत्काल जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंशुमान सिंह को निर्देशित करते हुए कार्यवाही करने के लिए कहा. इधर, सीएमओ ने तीन सदस्य जांच कमेटी का गठन कर दिया. जांच कमेटी ने संजय गांधी अस्पताल पहुंचकर हर पहलू की जांच कर अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी. जिसके बाद संजय गांधी अस्पताल प्रशासन को कारण बताओ नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण देने के लिए 3 महीने का समय दिया गया. 

लेकिन 24 घंटे के भीतर ही संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करते हुए उसकी ओपीडी और सारी सेवाएं बंद कर दी गईं. मामला दो राष्ट्रीय पार्टियों (भाजपा और कांग्रेस) के बीच का होने के चलते अब यह तूल पकड़ने लगा है. 

मामले में क्या बोले ब्रजेश पाठक

अमेठी में संजय गांधी अस्पातल को सील किए जाने के मामले  में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बयान आया है. उन्होंने कहा कि मरीज की जान लेने वाले किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा, न्याय संगत कार्रवाई होगी. जवान बेटी की जान गई है. पूरी घटना पर स्थानीय कमेटी ने जांच की है जिसके बाद कार्रवाई हुई. प्रदेश के बाकी अस्पतालों पर इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. 

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जानिए संजय गांधी अस्पताल के बारे में 

बता दें कि यह अस्पताल 1986 से अमेठी में लगातार अपनी सेवाएं दे रहा है. अमेठी जिले का यह इकलौता 350 बेड का अस्पताल है. जहां पर लगभग 400 कर्मचारी काम करते हैं. यहां पर एएनएम और जीएनएम जैसे कोर्स भी संचालित किए जाते हैं, जिसमें 1200 छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हुए ट्रेनिंग ले रहे हैं. 

लेकिन अब पूरा अस्पताल बंद होने से एक बार फिर से अमेठी की राजनीति में गर्माहट आ गई है. लगातार दिल्ली से बड़े नेताओं का अमेठी पहुंचना और यहां पहुंचकर मीटिंग कर आगे की रणनीति तय करने का कार्य जारी है. इसी को दृष्टिगत रखते हुए सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा अमेठी के गौरीगंज स्थित कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की. 

क्या बोले सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल? 

बैठक समाप्त होने के बाद निकलते हुए मीडिया से बात कर उन्होंने बताया कि हमारा संजय गांधी अस्पताल जो वर्षों से जनहित की सेवा में अमेठी में लगा हुआ है, उसको बंद करने का तरीका गलत है. किसी की गलती का दंड उस व्यक्ति को मिलना चाहिए ना की संस्था को. आपने अस्पताल में ताला लगा दिया जिससे जनता का नुकसान हो रहा है. इस अस्पताल में सभी लोग आते हैं. जाति, धर्म, भेदभाव से अस्पताल ऊपर है. किसी व्यक्ति विशेष के लिए यह अस्पताल नहीं था. आसपास के चार-पांच जिलों में इस स्तर का अस्पताल नहीं है. 

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किशोरी लाल शर्मा ने आगे कहा कि जिस परिवार का सदस्य गया है उसको तकलीफ होगी ही, यह मैं मानता हूं. मुझे भी है. लेकिन जिसकी गलती हो उसी को दंड मिलना चाहिए ना कि पूरे अस्पताल को. हम उस मृत आत्मा के लिए अभी 2 मिनट का शोक भी रखे थे. हम उनके दुख में शामिल हैं और हमारे लोग भी उनके साथ खड़े रहेंगे. हम लोग जो कर सकते हैं वह करेंगे. इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए यह सामाजिक चीज है. राजनीति करने के लिए मौके बहुत मिलेंगे. अभी 2024 का चुनाव आएगा और भी तमाम मौके आएंगे. 

डीएम को ज्ञापन देते कांग्रेसी

बकौल किशोरी लाल- जनहित का कार्य किसी के भी द्वारा किया जाएगा तो हम उसकी तारीफ करते हैं. क्योंकि हम पॉजिटिव राजनीति करते हैं हम नकारात्मक सोच वाली राजनीति नहीं करते हैं. इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनना था लेकिन हम बरसों से प्रयासरत हैं. हमको एनओसी नहीं दिया जा रहा है. जबकि, हमारे अस्पताल में मेडिकल कॉलेज बनने की सभी अहर्ताएं हैं. क्यों हमको NOC नहीं दी जा रही है इसकी भी जांच होनी चाहिए. वहीं, राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ेंगे कि नहीं इस मामले में किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि लोगों की जन भावना है और मैं यह बात उन तक पहुंचा दूंगा. 

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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन 

इन सबके बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा बहाल करने के संबंध में डीएम राकेश कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपा. इसमें कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत तमाम बड़े नेता मौजूद रहे. कांग्रेस ने संजय गांधी अस्पताल को बंद करने को बदले की कार्रवाई कहा है. कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर अस्पताल को 'निशाना' बनाकर 'राजनीतिक बदला' लेने का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि अस्पताल इसलिए बंद किया गया क्योंकि ये उस ट्रस्ट द्वारा संचालित है जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं. कांग्रेस ने यूपी सरकार से अस्पताल का ताला खुलवाने की मांग की है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सीएम योगी आदित्यनाथ को इसके लिए एक पत्र भी लिखा है. 

अस्पताल के 400 से अधिक कर्मचारी परेशान 

उधर, अमेठी के मुंशीगंज में स्थित संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करने के बाद अस्पताल के 400 से अधिक कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. बुधवार (20 सितंबर) को अस्पताल में तैनात कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करने के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने अस्पताल के लाइसेंस को बहाल करने की मांग की. 

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