बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने 'आजतक' को दिए इंटरव्यू में सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला. साथ ही उन्होंने अपने इस्तीफे के मुख्य कारणों और भविष्य की योजना पर खुलकर बात की. अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को मुख्य रूप से 'सनातन के अपमान' और यूजीसी के 2026 रेगुलेशन के विरोध में पद त्यागा है.
अग्निहोत्री अग्निहोत्री का आरोप है कि माघ मेले में साधुओं को पीटा गया और नए यूजीसी नियमों में सवर्णों को पहले ही दोषी मान लिया गया है. पिछले तीन वर्षों से सरकार की जातिगत विरोधी नीतियों से आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया. फिलहाल, वे कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठे हैं और डीएम से उस अपमानजनक फोन कॉल करने वाले का नाम पूछ रहे हैं.
डीएम आवास पर 'बंधक' बनाने का आरोप
अलंकार अग्निहोत्री ने फिर से दावा किया कि डीएम आवास पर मीटिंग के दौरान किसी ने फोन पर कहा, "ब्राह्मण पागल हो गया है, इसे यहां से निकलने मत देना." उन्होंने कहा कि वे वहां फंस गए थे और उन्हें बचकर निकलना पड़ा क्योंकि वहां उन्हें रोकने के आदेश आ चुके थे. अग्निहोत्री के अनुसार, सरकार जातिगत आधार पर चल रही है और सवर्ण समाज के प्रतिनिधि खामोश हैं, जिससे उनका धैर्य जवाब दे गया और 'घड़ा' भर गया.
राजनीति में एंट्री और नई रणनीति के संकेत
भविष्य में चुनाव लड़ने या नई पार्टी बनाने के सवाल पर अग्निहोत्री ने कहा कि तमाम संगठन उनके साथ जुड़े हुए हैं और सही समय आने पर निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने सपा नेता माता प्रसाद पांडे या अन्य दलों से संपर्क के सवाल पर कहा कि प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते वे सभी दलों के संपर्क में रहते हैं. उन्होंने अपनी रणनीति को लेकर जल्द ही अवगत कराने की बात कही. उन्होंने भावुक होते हुए पूछा कि क्या समाज की बेटियों के साथ हो रहे अन्याय पर वे चुप रहें?
कृष्ण गोपाल राज / समर्थ श्रीवास्तव