उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक यह गिरोह लोगों को बहला-फुसलाकर उनके बैंक खाते खुलवाता था और फिर उन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर एटीएम के जरिए निकाल लेता था.
जानकारी के अनुसार थाना साइबर क्राइम, सिकंदरा और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि सिकंदरा क्षेत्र में साइबर ठगी से जुड़े चार आरोपी मौजूद हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया.
विदेश में बैठे आकाओं के इशारे पर चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो विदेश में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम करते थे. गिरोह लोगों को झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था. इसके बाद उनसे चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड ले लिए जाते थे. ठगी की रकम इन खातों में मंगवाई जाती थी और फिर एटीएम से निकाल ली जाती थी.
पुलिस के अनुसार ठगी की रकम का 40 प्रतिशत हिस्सा आरोपियों को मिलता था, जबकि 60 प्रतिशत हिस्सा फिरोजाबाद निवासी मोनू को दिया जाता था. मोनू फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है.
फर्जी खातों से ठगी की रकम निकालकर बांटा जाता था कमीशन
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगी के अलावा लोगों को ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम भी करते थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से 72 डेबिट कार्ड, 4 आधार कार्ड, 14 मोबाइल फोन, 29 चेकबुक, 37 पासबुक, 2 लैपटॉप और करीब 2.16 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं.
डीसीपी पश्चिमी आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है. साथ ही मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है.
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