बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद कानपुर पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री, आंदोलन का ऐलान

यूजीसी कानून के विरोध में इस्तीफा देने वाले पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री कानपुर पहुंचे, जहां लोगों ने स्वागत किया. उन्होंने कहा आंदोलन पूरे देश में चलाया जाएगा और एससी-एसटी कानून वापस लेने का दबाव बनाया जाएगा. केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम और गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग की. योगी सरकार पर रुख नरम बताया और एक हफ्ते में दिल्ली कूच की चेतावनी दी.

Advertisement
अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी कानून वापस लेने की मांग की है. Photo ITG अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी कानून वापस लेने की मांग की है. Photo ITG

रंजय सिंह

  • कानपुर,
  • 31 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:05 PM IST

यूजीसी कानून के विरोध में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री आज अपने मूल निवास कानपुर पहुंचे. घर पहुंचने पर सबसे पहले उन्होंने अपनी माता जी से मुलाकात की, जहां मां ने उन्हें माला पहनाकर आशीर्वाद दिया. इसके बाद मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और मिठाई खिलाकर व मंदिर ले जाकर उनका उत्साह बढ़ाया. इस दौरान बुजुर्ग और महिलाएं भी मौजूद रहीं.

Advertisement

कानपुर पहुंचकर क्या बोले अलंकार अग्निहोत्री?
कानपुर पहुंचने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से बातचीत की. सबसे पहले आज तक की टीम ने उनसे बातचीत की. उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून के विरोध में शुरू हुआ उनका आंदोलन अब पूरे देश में चलाया जाएगा और आगे यह एससी-एसटी एक्ट को वापस लेने के दबाव के रूप में भी आगे बढ़ेगा. उनका दावा है कि पूरे प्रदेश से लोगों ने उनसे संपर्क किया है.

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इस्तीफे के मांग
केंद्र सरकार पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह UGC कानून 2027 का चुनाव प्रभावित करने और योगी जी को अस्थिर करने के उद्देश्य से लाया गया. उनके अनुसार यह ओबीसी, सामान्य और अन्य जातियों को आपस में लड़ाने की साजिश है. उन्होंने कहा कि अगर अभी चुनाव हो जाए तो केंद्र के शीर्ष नेता सीटें नहीं जीत पाएंगे. उन्होंने दोनों से इस्तीफे की मांग भी की.

Advertisement

शंकराचार्य मसले पर क्या बोले अलंकार अग्निहोत्री?
प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुए दुर्व्यवहार पर उन्होंने कहा कि पहले उनका रुख योगी सरकार के प्रति तल्ख था, लेकिन अब नरम है. उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा है, उनके लोगों से बात हुई है और शंकराचार्य मामले में लोग उनसे संपर्क करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि योगी जी उनके प्रदेश के हैं और उनके शासन में ही उन्हें नौकरी मिली.

एससी-एसटी कानून वापस लेने की मांग
निलंबन पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जिस तरह का समर्थन उन्हें मिला है, अब वह अपनी दिशा में आगे बढ़ चुके हैं और वापसी का सवाल नहीं है. संगठन बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संगठन पहले से तैयार है और तीन दिन में ऐलान किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एससी-एसटी कानून वापस नहीं लिया गया तो एक हफ्ते बाद दिल्ली कूच किया जाएगा. टीडी और सीबीआई के सवाल पर उन्होंने कहा, “जाको राखे साइयां मार सके ना कोई.” उन्होंने कानपुर को क्रांतिकारियों की जमीन बताया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement