सबसे तीखे ढालों पर चलती है ये ट्रेन

ट्रेन का पहिया दांतों वाला है. पहले यह ट्रेन भाप से चलती थी.

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तीखे ढालों पर चलती है ये ट्रेन तीखे ढालों पर चलती है ये ट्रेन

अभि‍षेक आनंद

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST

स्विटजरलैंड की एक ट्रेन दो हजार मीटर की ऊंचाई तक जाती है. इसे पिलाटस रेलवे सेवा के नाम से जाना जाता है. ट्रेन अल्पनाचस्ताद और माउंट पिलाटस को जोड़ती है. सबसे खास बात ये है कि इसे दुनिया में सबसे अधिक तीखे ढालों से गुजरने वाली ट्रेन भी कहा जाता है.

ट्रैक की लंबाई करीब 4.5 किलोमीटर है और ट्रेन इतने वक्त में चढ़ती है. यह 1889 में शुरू हुआ था. ट्रेन का पहिया दांतों वाला होता है. पहले यह ट्रेन भाप से चलती थी, लेकिन बाद में इसे इलेक्ट्रिक कर दिया गया.

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ट्रेन की रफ्तार 9 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि शुरुआत में यह ट्रेन सिर्फ सिर्फ 3 से 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती थी. ट्रेन आधे घंटे में अपना सफर पूरा कर लेती है. ट्रेन के इंजन और किया गया हो, लेकिन सालों बाद भी करीब 100 साल पुराना ट्रैक ही इस्तेमाल किया जा रहा है.

यह रूट सिर्फ मई से नवंबर के बीच खोला जाता है जब यहां बर्फ नहीं होती. ट्रेन हर 45 मिनट के अंतराल पर चलती है. सर्दियों में लोग केबल कारों के जरिए माउंट पिलाटस पर जाते हैं.

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