ट्रेन से यात्रा करने वालों के बीच कम्फर्ट हमेशा ही एक बड़ा मुद्दा रहा है. लोग एसी कम्पार्टमेंट में सफर करते ही इसलिए हैं ताकि अपनी यात्रा में उन्हें सीट से लेकर साफ़ सफाई तक किसी भी दुश्वारी का सामना न करना पड़े. लेकिन तब क्या जब आपने अपने लिए ट्रेन में फर्स्ट एसी का टिकट बुक किया और जब आप बोगी में पहुंचे, तो माहौल ठीक वैसा ही दिखा जैसा जनरल या स्लीपर कोच में दिखता है. ऐसे मौके पर व्यक्ति पर क्या गुजरती है महानंदा एक्सप्रेस में सफर करने वाली स्वाति राज नाम की महिला से बेहतर कौन समझ सकता है.
माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट X ( पूर्व में ट्विटर) पर महानंदा एक्सप्रेस में एसी फर्स्ट क्लास में सफर करने वाली स्वाति ने बोगी में Without Ticket यात्रियों की भीड़ को एक बड़ा मुद्दा बनाया और इसपर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है.
इंटरनेट पर ट्रेनों में स्लीपर और यहां तक कि एसी 3-टियर डिब्बों में बिना टिकट यात्रियों की भीड़ दिखाने वाले वीडियो कोई नई बात नहीं है. लेकिन प्रीमियर फर्स्ट एसी कोच में ऐसी स्थिति देखना वास्तव में अविश्वसनीय है. ध्यान रहे कि बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों को ध्यान में रखकर कई वीडियो पूर्व में सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिन्हें लेकर खूब बहस हुई है.
जिक्र स्वाति राज और उसके वीडियो का हुआ है. तो बताते चलें कि, जो वीडियो स्वाति ने पोस्ट की उसमें फर्स्ट एसी कोच का गलियारा दिखा रहा है. जिसमें बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों की भारी भीड़ है. बोगी में ऐसे लोग उन लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बनते नजर आ रहे हैं जिनके पास एसी फर्स्ट क्लास का प्रीमियम टिकट है.
अपनी पोस्ट के कैप्शन में स्वाति ने लिखा कि यह महानंदा 15483 में एसी फर्स्ट टियर की वर्तमान स्थिति है. मैं प्रबंधन से इसे तुरंत जांचने का अनुरोध इसलिए करती हूं क्योंकि अतिरिक्त भुगतान के बावजूद मैं अपने को सुरक्षित नहीं महसूस कर रही हूं.
फुटेज में दिल्ली से अलीपुरद्वार जंक्शन तक चलने वाली ट्रेन संख्या 15483 में भारी अव्यवस्था को कैद किया गया है. बताते चलें कि ट्रेन में दर्जनों अनधिकृत यात्रियों ने रिजर्व्ड सीट पर कब्ज़ा किया होता है.
चूंकि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, भले ही रेलवे सेवा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी हो लेकिन इस अहम मसले पर लोग अपनी बातें जरूर रख रहे हैं. यूजर्स का मानना है कि तत्काल प्रभाव में ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर रहे लोगों पर रेलवे को कठोर कदम उठाना चाहिए.
स्वाति ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) से संपर्क करने के बावजूद, उनकी परेशानी इसलिए भी नहीं दूर हुई क्योंकि अगले स्टेशन पर ट्रेन सिर्फ दो मिनट के लिए रुकी. स्वाति का मानना था कि इससे आरपीएफ को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला.
गौरतलब है कि अभी बीते दिनों ही ट्रेन नंबर 12369 (कुंभ एक्सप्रेस) का ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में बिना टिकट यात्रियों को बर्थ पर कब्जा करते, यात्रियों को परेशान करते और यहां तक कि इमरजेंसी चेन पुलिंग करते हुए दिखाया गया था.
ट्रेन में बिना टिकट वाले यात्रियों को आप कितनी बड़ी समस्या के रूप में देखते हैं और रेलवे को इनपर क्या एक्शन लेना चाहिए? हमें कमेंट में जरूर बताएं.
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