कई सालों तक खुद का डेथ सर्टिफिकेट लेकर घूमती रही महिला, बाद में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

वियतनाम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को मृत घोषित किए जाने के पांच साल बाद ज़िंदा पाया गया. जांच में खुलासा हुआ कि महिला ने बीमा की रकम हासिल करने के लिए अपनी मौत का नाटक किया था. इस धोखाधड़ी के जरिए करीब 40 लाख रुपये की रकम हड़प गई.

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महिला और उसकी मां के खिलाफ बीमा फ्रॉड के आरोप में कार्रवाई की जा रही है. ( Photo: Pixabay) महिला और उसकी मां के खिलाफ बीमा फ्रॉड के आरोप में कार्रवाई की जा रही है. ( Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

वियतनाम में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को पांच साल पहले कानूनी तौर पर मृत घोषित कर दिया गया था, लेकिन अब वह जिंदा पाई गई है. यह मामला सामने आने के बाद एक बड़े बीमा धोखाधड़ी रैकेट का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसमें करीब 40 लाख रुपये की रकम हासिल की गई थी.

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वियतनाम के थान्ह होआ प्रांत के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला 17 दिसंबर को सामने आया, जब गुयेन थी थू नाम की एक महिला ने अपनी मौत का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कराने के लिए क्वांग ट्रुंग वार्ड पीपुल्स कमेटी से संपर्क किया. रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने ऑफिस आकर बताया कि वे जिंदा है.  अधिकारियों को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि इसी नाम और पते वाली एक व्यक्ति को जून 2020 में कानूनी रूप से मृत घोषित कर दिया गया था.

जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
पुलिस जांच में पता लगा कि आवेदन करने वाली महिला वही थी, जिसकी मौत पांच साल पहले दर्ज की गई थी. इसके बाद मामला प्रांतीय पुलिस को सौंपा गया. जांच में पता चला कि थू ने अपने पति से तलाक के बाद अपनी मां के साथ रहते हुए चार जीवन बीमा पॉलिसियां ली थीं. साल 2020 में बीमारी और पारिवारिक तनाव के बीच उसने बीमा का पैसा पाने के लिए अपनी मौत का नाटक करने की योजना बनाई.

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नकली मौत और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार
7 जून 2020 को थू ने नींद की गोलियां लेकर बाथरूम में हादसे जैसा दृश्य बनाया. परिवार और स्थानीय अधिकारियों को उसकी मौत की सूचना दी गई और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस साजिश की सच्चाई सिर्फ थू, उसकी मां और एक तांत्रिक को पता थी. उसी रात थू चुपचाप घर छोड़कर दूसरे प्रांत चली गई, जहां वह कानूनी रूप से 'मृत' रहते हुए काम और रहन-सहन करती रही.

अगले दिन मां ने थू की मौत का सरकारी पंजीकरण करवा दिया और बीमा कंपनियों से दावा किया. जांच में सामने आया कि दोनों बीमा कंपनियों से मिलाकर 1.2 अरब वियतनामी डोंग (करीब 40 लाख रुपये) से ज्यादा की रकम मिली. इस पैसे का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने और निवेश में किया गया.

पांच साल बाद हुआ खुलासा
पांच साल बाद जब थू ने अपनी मृत्यु का रिकॉर्ड हटवाने की कोशिश की, तो पूरा मामला खुल गया. पूछताछ में उसने माना कि उसने जानबूझकर मौत का नाटक किया था ताकि बीमा का पैसा मिल सके. अब पुलिस ने थू और उसकी मां दोनों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ बीमा धोखाधड़ी के आरोप में जांच जारी है.

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