जहां मिलेंगे बाबू सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना... वैलेंटाइन डे से पहले वायरल हो रहे पोस्टर

वैलेंटाइन डे पर जहां प्यार करने वाले इस दिन को सेलिब्रेट करने की तैयारी में जुटे हैं, वहीं कई संगठन इसका विरोध भी कर रहे हैं. कोई लठ्ठ की पूजा कर रहा है, तो कोई तीखे और विवादित बयान दे रहा है.

Advertisement
मध्य प्रदेश के सागर में भी वैलेंटाइन डे से पहले विरोध का माहौल देखने को मिला मध्य प्रदेश के सागर में भी वैलेंटाइन डे से पहले विरोध का माहौल देखने को मिला

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:35 PM IST

कल वैलेंटाइन डे है. प्यार का इजहार करने का दिन. दुनिया भर के प्रेमियों के लिए यह खास मौका माना जाता है. हर साल की तरह इस बार भी 14 फरवरी को लेकर हलचल तेज है. लेकिन माहौल एक जैसा नहीं है. एक तरफ वे लोग हैं, जो इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं. दूसरी ओर ऐसे लोग भी हैं, जो इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं.

Advertisement

संस्कृति की रक्षा के नाम पर कई जगहों पर वैलेंटाइन डे के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है. कुछ समूहों की ओर से इसे मनाने वालों को चेतावनी भी दी जा रही है. सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ी हुई है और विरोध के नारे तेजी से वायरल हो रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पटना में वैलेंटाइन डे से पहले ‘बाबू-सोना’ लिखे पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में चेतावनी भरे शब्द लिखे हैं-जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना. साथ ही यह भी लिखा गया है कि 14 फरवरी को ‘बाबू-सोना’ नहीं, बल्कि पुलवामा के शहीदों को नमन किया जाए. बताया जा रहा है कि ये पोस्टर हिंदू शिवभवानी सेना के नाम से लगाए गए हैं. पोस्टरों में दावा किया गया है कि वैलेंटाइन डे और वैलेंटाइन वीक भारतीय संस्कृति के विपरीत हैं और इससे समाज में अश्लीलता बढ़ती है.

Advertisement

मध्य प्रदेश में भी विरोध की तैयारी

वहीं मध्य प्रदेश के सागर में भी वैलेंटाइन डे से पहले विरोध का माहौल देखने को मिला. खबरों के मुताबिक, शिवसेना से जुड़े कार्यकर्ता सिविल लाइन स्थित पहलवान बाबा मंदिर में जुटे. यहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच लाठियों की पूजा की गई. पंडित-पुरोहित की मौजूदगी में लाठी पूजन हुआ और उन पर चमेली व सरसों का तेल चढ़ाया गया. कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संस्कृति रक्षा’ का प्रतीक बताया.

नेताओं की चेतावनी

शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने बयान देते हुए कहा कि 14 फरवरी भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं है. उनका आरोप है कि कुछ युवक-युवतियां पाश्चात्य संस्कृति के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय व्यवहार करते हैं, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई जोड़ा आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया, तो मौके पर ही उसकी शादी कराई जाएगी.आइये देखते हैं, वैलेंटाइन डे को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ ऐसे ही वीडियो और पोस्ट

 

 

 

कुल मिलाकर, एक तरफ जहां युवा वर्ग वैलेंटाइन डे को प्रेम के उत्सव के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठन इसे संस्कृति के खिलाफ बताकर विरोध की राह पर हैं. ऐसे में 14 फरवरी एक बार फिर समर्थन और विरोध दोनों के बीच खड़ा नजर आ रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement