पहली बार दुनिया के सामने आए ये अनदेखे लोग… देखें इस रहस्यमय ट्राइब का Video

अब तक अंडमान के सेंटिनल द्वीप पर रहने वाले सेंटिनलीज ट्राइब को सबसे रहस्यमय ट्राइब समझा जाता रहा है, जो बाकी दुनिया से कटे हुए हैं. लेकिन, इनकी तरह कई ऐसे जनजातीय समूह हैं, जिनके बारे में हम नहीं जानते हैं. ऐसे ही कुछ अनदेखे लोगों का हाल में पता लगाया गया है.

Advertisement
दुनिया भर में 200 से भी ज्यादा ऐसी जनजातियां हैं जो आधुनिक दुनिया से कटे हुए हैं (Photo - X/@CollinRugg) दुनिया भर में 200 से भी ज्यादा ऐसी जनजातियां हैं जो आधुनिक दुनिया से कटे हुए हैं (Photo - X/@CollinRugg)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:15 AM IST

आधुनिक जिंदगी से दूर आज भी पाषाण काल के तौर-तरीके अपनाते हुए जीवन-जीने वाले लोग इस धरती पर मौजूद हैं. दुनिया के वैसे दुर्गम इलाके जो घने जंगलों से घिरे हुए हैं, जहां आम लोग जाने की जहमत नहीं उठा सकते. ऐसी जगह पर बाकी दुनिया की नजरों से छिपकर ये लोग रहते हैं.   वाले इलाकों में रहते हैं. ऐसे ही एक अनदेखे ट्राइब की झलक पहली बार कैमरे में कैद हुई है और एक खोजक्र्ता ने दावा किया है कि इससे पहले इन लोगों को कभी किसी ने नहीं देखा है.

Advertisement

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संरक्षणवादी  ने एक पॉडकास्ट में अमेजन की एक ऐसी जनजाति की अभूतपूर्व फुटेज शेयर की है,जिसका अभी तक किसी से संपर्क नहीं हुआ है.  पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन से बात करते हुए अमेरिकी संरक्षणवादी और लेखक पॉल रोसोली ने बताया कि अमेजन में काम करते हुए उन्होंने दो दशक बिताए हैं.  उनका कहना है कि वह क्षण उनके जीवन के सबसे गहन अनुभवों में से एक था. इस सब को समझने के लिए, मुझे आपको यह फुटेज दिखाना पड़ा. यह पहले कभी नहीं दिखाया गया है. ऐसा दुनिया में पहली बार हुआ है. 

अब तक, आधुनिक दुनिया के संपर्क से दूर रहने वाले जनजातियों के फुटेज धुंधले रहे हैं. जैसे कि अंडमान में रहने वाले सबसे खूंखार ट्राइब सेंटेनलीज की कुछ तस्वीरें या फोटो भी पहले लिए गए थे, लेकिन इनकी क्वालिटी ठीक नहीं थी. आमतौर पर पहले पुराने कैमरा उपकरणों के साथ दूर से लिए फोटो लिए गए हैं.

Advertisement

अमेजन के जंगलों में रहती है ये रहस्यमय जनजाति
वीडियो में अमेजन के जंगल में रहने वाले इस जनजाति का झुंड सुदूर समुद्र तट पर पहुंचता है. वे  सावधानी के साथ आगे बढ़ते हैं. फिर उनकी नजर अजनबियों पर यानी हम पर पड़ती है. वेलोग ध्यान से हमें देखते हैं. उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि वेलोग  हर छोटी से छोटी बात को समझने और संभावित खतरे का भांपने का प्रयास कर रहे हैं.

रोसोली को याद है कि जब वे हथियारों के साथ एक फॉर्मेशन कर रहे तो उन्होंने उनकी बॉडी लैंग्वेज को ध्यान से देखा था. उनके चलने का तरीका देखो. उनके इशारा करने का तरीका देखो. उसे धनुष के साथ देखो, वह एक आदमी की ओर इशारा करते हुए कहता है जो तीर को धनुष पर चढ़ा रहा है.

उनका कहना है कि शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि सब कुछ बेकाबू हो जाएगा और हिंसा में बदल जाएगा. मैं हर दिशा में देख रहा था और सोच रहा था कि तीर किस दिशा से आ सकती है. फिर कुछ बदल गया. जैसे-जैसे वे दूरी कम करते गए, जनजाति के लोग अपने हथियार नीचे करने लगे.

रोसोली कहते  हैं कि जैसे-जैसे हमलोग करीब आते गए, वेलोग अपना धनुष और बाण नीचे रखने लगे. वे समझ गए. नहीं, अब और नहीं.फिर तनाव जल्दी ही जिज्ञासा में बदल गई और जनजाति के कुछ सदस्यों ने मनोरंजन का संकेत भी दिखाया. ये योद्धा हैं… ऐसा लग रहा था जैसे वे हिंसा के लिए तैयार हैं और अब वे सभी आराम से खड़े हैं और मुस्कुरा रहे हैं. 

Advertisement

आधुनिक दुनिया से दूर दुनियाभर में 200 ऐसे ट्राइब्स हैं  
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि दुनिया भर में लगभग 200 ऐसे समूह अभी भी मौजूद हैं, जिनसे संपर्क नहीं हुआ है. इनमें से अधिकांश ब्राजील और पेरू के अमेजन वर्षावन में रहते हैं. इनसे सीधे संपर्क करना घातक हो सकता है, इसलिए इन समुदायों के बारे में सैटेलाइट और हवाई जहाज से ली गई तस्वीरों से ही जानकारी मिलती है. या फिर जिन घने जंगलों में ऐसे लोग रहते हैं, वहां के आसपास के इलाकों बसी बस्तियों से ही जानकारी मिल पाती है. 

2018 में, 26 वर्षीय अमेरिकी मिशनरी जॉन एलन चाउ की अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर सेंटिनली लोगों से संपर्क करने की कोशिश की थी. तब उस खूंखार ट्राइब ने चाउ की हत्या कर दी थी. उन्होंने अपना परिचय देने और ईसाई धर्म का प्रचार करने की कोशिश की थी. साथ ही उपहार छोड़कर गए और अपनी डायरी में उस मुलाकात का विवरण दर्ज किया था.

 सेंटिनली लोगों ने, जो अजनबियों को देखते ही उन पर तीर चलाने के लिए जाने जाते हैं, हिंसा का सहारा लिया और चाउ के उतरने के तुरंत बाद ही उसे मार डाला. उनका शव कभी बरामद नहीं हुआ. क्योंकि वेलोग शव को लेकर चले गए थे. 

Advertisement

इतिहास गवाह है कि जंगलों के बीच रहने वाले ऐसे अनदेखे ट्राइब्स से संक्षिप्त संपर्क भी ऐसी सामान्य बीमारियों को जन्म दे सकता है जो विकसित देशों के लिए अपेक्षाकृत हानिरहित होती हैं, लेकिन उन जनजातियों के लिए घातक होती हैं जिन्हें अतीत में इन बीमारियों से कोई सामना नहीं हुआ हो और जिनके पास इनसे लड़ने की कोई प्रतिरक्षा न हो.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement