साउथ कोरिया की के एक नेता के बयान की वैश्विक स्तर पर निंदा हो रही है. अब पार्टी ने भी उस नेता पर कार्रवाई की है. वहां की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपीके)के जिन्दो काउंटी के प्रमुख किम ही-सू को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. क्योंकि, उस नेता ने देश की घटती आबादी से निपटने के लिए जो उपाय बताए, उसे काफी लोग शर्मनाक बता रहे हैं.
आरटी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, किम ही-सू ने कहा कि देश की अबादी बढ़ाने के लिए विदेशों से "वर्जिन लड़कियों का आयात" करने पड़ेगा. पार्टी ने किम के इस विवादास्पद टिप्पणी के बाद उत्पन्न स्थिति पर विचार-विमर्श करने के लिए बैठक बुलाई. इस बयानों ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया था और इन्हें व्यापक रूप से अनुचित तथा महिलाओं के प्रति अपमानजनक माना गया.
दक्षिणी द्वीप काउंटी के प्रमुख किम ही-सू ने पिछले बुधवार को दक्षिण जेओला प्रांत और देश के छठे सबसे बड़े महानगर ग्वांगजू के बीच प्रशासनिक एकीकरण पर एक मीटिंग के दौरान विवादास्पद टिप्पणी की थी. उसने कहा कि अगर ग्वांगजू और दक्षिण जेओला का एकीकरण हो जाता है, तो हमें जनसंख्या कम होने की समस्य से निपटने के लिए कानून बनाना चाहिए.
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आगे उसने कहा कि अगर इससे भी काम नहीं बनता है, तो शायद हमें श्रीलंका या वियतनाम जैसे देशों से युवा कुंवारी लड़कियों को आयात करना चाहिए, ताकि ग्रामीण इलाकों के कुंवारे लड़के शादी कर सकें. ये टिप्पणियां तुरंत वायरल हो गईं, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया। अधिकारी पर लैंगिक भेदभाव और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया गया. इसके बाद पार्टी ने एक मीटिंग में किम को निष्कासित करने का फैसला लिया.
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