अमेरिका में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है. पिछले दिनों एक अस्पताल में घुसकर पुलिस ने वहां भर्ती एक मरीज को गोली मार दी. क्योंकि, उस अस्पताल में हालात ही कुछ ऐसे बन गए थे कि उस मरीज को गोली मारने के अलावा पुलिस के पास और कोई विकल्प नहीं था.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रुकलिन मेथोडिस्ट अस्पताल में गुरुवार रात एक खून से लथपथ, नुकीला हथियार लहराते हुए मरीज को पुलिस ने गोली मारकर मार डाला. जब उसने एक बुजुर्ग मरीज और एक कर्मचारी के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था. उसके बाद पार्क स्लोप मेडिकल सेंटर को लॉकडाउन में डाल दिया गया था.
गुरुवार देर रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्रुकलिन साउथ के सहायक प्रमुख और कमांडिंग ऑफिसर चार्ल्स मिंच ने बताया कि शाम 5:30 बजे से ठीक पहले कई 911 कॉल आने के बाद पुलिस अस्पताल के लिए रवाना हुई. इन कॉलों में एक व्यक्ति के बारे में बताया गया था जिसने एक बुजुर्ग मरीज और अस्पताल के एक सुरक्षा कर्मचारी को अस्पताल की आठवीं मंजिल के एक कमरे में खुद के साथ बंद कर लिया था.
सूत्रों और पुलिस के अनुसार, वह पागल व्यक्ति शौचालय की सीट का एक नुकीला, टूटा हुआ टुकड़ा लिए हुए था और उससे खुद को काट रहा था तथा उसने अन्य लोगों को भी काटने की कोशिश की थी, जिससे पूरा कमरा खून से लथपथ हो गया था.
पूरा कमरे में फर्श और दीवार खून के छींटे से भरा था
जब पुलिस कमरे में पहुंची, तो उन्होंने दीवारों, फर्श पर और दरवाजे के बाहरी हिस्से पर खून के छींटे देखे. इसके बाद वह विक्षिप्त मरीज दरवाजे के चौखट पर आया और उसने अधिकारियों को खून से सना हुआ वो हथियार दिखाया. तीन मिनट से अधिक समय तक उससे बीतचीत हुई. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बार-बार उससे हथियार छोड़ने की मांग की.
उस व्यक्ति ने नुकीले हथियार को छोड़ने से इनकार कर दिया और कई बार कमरे का दरवाजा जबरदस्ती बंद करने की कोशिश की.अधिकारियों ने कमरे का दरवाजा कई बार खोलने की कोशिश की क्योंकि आरोपी ने कमरे में दो और लोगों को फंसा रखा था.अधिकारियों ने दरवाजे में लात मारकर खोलने की कोशिश की और बार-बार उससे अपना हथियार छोड़ने की मांग की, लेकिन वह टूटे हुए शौचालय के टुकड़े को हाथ में लिए पुलिसकर्मियों की ओर दौड़ा.
पुलिस ने फिर टेजर का इस्तेमाल किया, लेकिन वे प्रभावी नहीं थे, जिसके चलते अधिकारियों को अपनी बंदूकें चलानी पड़ीं और उसे गोली लग गई. पुलिस ने बताया कि उस व्यक्ति की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है, उसे बाद में मृत घोषित कर दिया गया. उसे एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया गया था.
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