एक शख्स ने अपनी जीवनशैली में बेहतर बदलाव लाने के लिए एक साल तक अपने बेडरूम में ही बंद रहने और बाहरी दुनिया से किसी भी तरह का संपर्क नहीं रखने की योजना बनाई है. वह कमरे में बंद हो चुका है. 49 साल का ये शख्स इस दौरान अपने परिवार वालों से भी नहीं मिलेगा.
10 जनवरी को यूटा के स्किप बॉयस ने अपनी पत्नी और बेटी को अलविदा कहा और अपने बेडरूम के अंदर चला गया और दरवाजा बंद कर लिया . इसके साथ ही उसने अपना "एकांतवास का वर्ष" प्रोजेक्ट शुरू किया. उनकी योजना कुल 365 दिनों तक वहीं रहने की है. इस पूरे अनुभव को वह यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम करेंगे.
कमरे के अंदर क्या करता है ये शख्स
ऑडिटिसेंट्रल के मुताबिक, कमरे के अंदर अकेले रहना का नियम सीधा-सादा है. स्किप बॉयस ने बताया था कि मैं कमरे से बाहर नहीं निकलूंगा और लाइवस्ट्रीम 24/7 चालू रहेगा. मैं बाहर से कोई मनोरंजन के उपाय अंदर नहीं लाऊंगा. मैं बाहर से किसी भी तरह के बातचीत में हिस्सा नहीं लूंगा. अंदर जो कुछ भी होता है, वह दर्शकों को दिखाई देता है. मैं अंदर रहता हूं, सोता हूं, व्यायाम करता हूं, पढ़ता हूं, लिखता हूं, और अपना सारा समय एक ही कमरे में बिताता हूं.
स्किप का दावा है कि उसका कमरा उसके घर के बाकी हिस्सों से भौतिक रूप से अलग है और उसके पास अकेले रहने के लिए जरूरी सभी चीजें मौजूद हैं. उसके पास शॉवर और बाथटब से सुसज्जित बाथरूम, एक अस्थायी जिम, कुछ अलमारियां और अपने अनुभव को हर समय प्रसारित करने के लिए एक स्ट्रीमिंग सेटअप है.
इस शख्स का दावा है कि लाइवस्ट्रीमिंग करने से चुपचाप छोड़ने या बाद में कहानी को फिर से लिखने की क्षमता खत्म हो जाती है - यह प्रक्रिया को ईमानदार बनाए रखता है. जहां तक इस बात का सवाल है कि उन्होंने अपने परिवार समेत सभी से खुद को अलग-थलग करने का विचार क्यों किया, स्किप बॉयस ने कहा कि ऐसा उन्होंने अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए किया, ताकि वे बुरी आदतों से बच सकें और स्वस्थ आदतों को अपना सकें.
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उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए नहीं है. मैं लगातार उत्तेजना से दूर रहने, अनुशासन को फिर से स्थापित करने और स्वास्थ्य, एकाग्रता और जवाबदेही से जुड़ी आदतों को फिर से बनाने के लिए एक नियंत्रित वातावरण बनाना चाहता था. अपनी कुछ बुरी आदतों को छोड़ना शायद मेरी उम्मीद से आसान रहा है, जैसे कोक पीना छोड़ना अच्छा रहा है.
अपने "एकांतवास के वर्ष" के लगभग तीन सप्ताह पूरे होने पर, स्किप का दावा है कि उन्होंने अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव देखे हैं. वे अधिक व्यायाम करते हैं, स्वस्थ आहार लेते हैं, और उनके मानसिक स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ है. हालांकि, हर कोई इस परियोजना के सकारात्मक परिणाम की उम्मीद नहीं करता है.
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