वहां निकल रहा खजाना... ये अफवाह फैलते ही खेत खोदने लगे सैकड़ों लोग

कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से फैली कि जोहान्सबर्ग के पास एक बस्ती में जमीन से खजाना मिला है. खजाना यानी जमीन के अंदर से सोना निकल रहा है. फिर क्या था आसपास के छोटे शहरों और कस्बों से लोग वहां पहुंचने लगे और देखते-देखते आसपास के खेतों को खोद डाला.

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दक्षिण अफ्रीका में सोना मिलने की अफवाह फैलने के बाद सैकड़ों लोगों ने खेत और सड़कों को खोद डाला (Representational Photo - Pexels) दक्षिण अफ्रीका में सोना मिलने की अफवाह फैलने के बाद सैकड़ों लोगों ने खेत और सड़कों को खोद डाला (Representational Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:38 PM IST

जोहान्सबर्ग से 30 मील पूर्व में स्थित एक कस्बे में मशीनों से कई गहरे गड्ढों को भरा जा रहा है. यह एक काम एक ऐसी खोज का अंत था, जिसकी शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक अफवाह से हुई. किसी जमाने में इस कस्बे के आसपास सोने का खनन होता था. जब यहां से सोना मिलना बंद हो गया तो खनन का काम भी रोक दिया गया और पूरा इलाका वीरान हो गया. 

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अब एक बार फिर से ये पूरा इलाका कुछ दिनों के लिए सोने की खोज की वजह से चर्चा में आ गया था. यहां दर्जनों भाग्य आजमाने वाले लोग पहुंचे और फावड़ों और मशीनों से आसपास के खेतों की खुदाई करने लगे. 

दो सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर जोहान्सबर्ग के पास एक पुराने खनन शहर में सोना मिलने की अफवाह जंगल की आग की तरह फैल गई.  किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया कि स्प्रिंग्स नामक खनन शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक बस्ती में कच्ची सड़क के किनारे एक खेत में बाड़ के खंभे के लिए गड्ढा खोदते समय सोना मिला है. 

इसके बाद पास के गांव गुगुलेथु के कई बेरोजगार निवासी यहां आकर खुदाई के काम में जुट गए. द गार्जियन की रिपोर्ट के मुतबिक, स्थानीय पार्षद डीन स्टोन ने बताया कि सैकड़ों मील दूर से यहां लोग आने लगे और सोने की खोज में जुट गए. इन लोगों में उत्तर में लिम्पोपो प्रांत और उत्तर-पश्चिम में रस्टेनबर्ग शहर के लोग भी शामिल थे.

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दूर-दराज से सोना खोजने पहुंचने लगे लोग
यहां पहुंचे लोगों ने देखते-देखते आसपास के खेतों को खोद डाला. यहां आने वाले अधिकतर लोग गुगुलेथु से हैं. एक शख्स ने बताया कि हम भूखे हैं, कोई नौकरी नहीं है. इसलिए यहां सोना खोज रहे हैं. ताकि, हमारा समय बदल जाए.  19 साल के नोम्सा जमंगिले ने कहा कि वह अपनी बहन थोकोजिले और अपने दो दोस्तों के साथ टाउनशिप के खेत से मिट्टी के 15 बोरे खोदे, लेकिन कुछ नहीं मिला.

सैंडी त्शोना, जो बाड़ वाले खेत में अपने 18 मवेशियों को चराते थे, ने बताया कि उन्होंने और उनके साथी किसानों ने लोगों को बाहर खुदाई शुरू करने की अनुमति दी, लेकिन जल्द ही वे जबरदस्ती खेत में घुस गए. 48 साल के सैंडी ने कहा कि उसके बाद तो स्थिति बेकाबू हो गई.बुधवार 18 फरवरी तक, एकुरहुलनी नगर पालिका के अधिकारियों ने अवैध खनन माने जाने वाले इन कार्यों पर कड़ी कार्रवाई की. तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, खनन उपकरण जब्त किए गए और खाइयों को भरने के लिए खुदाई करने वाली मशीनें और डंपर ट्रक मंगवाए गए.

एकुरहुलेनी शहर के पास ही गुगुलेथी बस्ती है.  एकुरहुलेनी प्रशासन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यहां सोना मिलने की खबरें अभी तक अप्रमाणित हैं और फिलहाल अटकलबाजी पर आधारित हैं. यह हलचल जोहान्सबर्ग के निर्माण की याद दिलाती है, जो 1886 में सोने की खोज के बाद कृषि भूमि से विकसित होकर एक नया शहर बन गया और अब 65 लाख से अधिक लोगों का घर है.

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कभी इस इलाके में थी सोने की खदानें
1899 में वहां सोने की खोज हुई थी. अब  इसका केंद्र फीकी पड़ चुकी आर्ट डेको इमारतों से भरा हुआ है जो इसके समृद्ध अतीत की याद दिलाता है. दक्षिण अफ्रीका में सोने का उत्पादन 1970 के दशक में चरम पर था , हालांकि 2007 तक यह विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक देश था.

विटवाटरसैंड क्षेत्र अब खदानों के कचरे और परित्यक्त खदानों से भरा पड़ा है, जिनमें से कई में अब अवैध खनिक खनन कर रहे हैं जिन्हें ' जमा जमा ' कहा जाता है, ज़ुलू भाषा में इसका अर्थ मोटे तौर पर 'जोखिम लेना' होता है. विश्लेषकों का अनुमान है कि ऐसे 30,000 जमा जमा हैं , जो देश के 10% सोने का उत्पादन करते हैं.गुगुलेथु के दोनों ओर हल्के भूरे रंग की पहाड़ियां दिखाई देती हैं, जो परित्यक्त सोने की खदानों के अवशेष हैं. बस्ती के एक तरफ, खदान के ढेर से पहले की समतल भूमि, मिट्टी और पानी से सोना अलग करने के लिए  इस्तेमाल किए गए रसायनों के कारण सफेद हो गई है.

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