केंद्र सरकार ने 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटी को पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणा की है. केंद्र के इस फैसले पर तंज कसते हुए कांग्रेस ने कहा है कि देश गोमूत्र पर उनके शोध को याद रखेगा. दरअसल केरल कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट कर आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर पर व्यंग्य किया है. इसके बाद इस विवाद में भारतीय अरबपति उद्योगपति श्रीधर वेम्बू ने दखल दिया है.
बता दें कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है. इस लिस्ट में केंद्र ने प्रतिष्ठित आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटी को पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणी की है.
वी कामकोटी ने Computer Science and Engineering में श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग चेन्नई से 1989 में बीई किया. उन्होंने M.S. और Ph.D. दोनों कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में IIT Madras से डिग्री ली. 2001 में वे IIT Madras में फैकल्टी के रूप में शामिल हुए और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में प्रोफेसर बने.
वे भारत के शक्तिशाली स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं और deep tech में योगदान के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने IIT मद्रास में VLSI प्रोग्राम को बहुत मजबूत बनाया. प्रोफेसर कामकोटी जनवरी 2022 से आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर हैं.
गोमूत्र पर प्रोफेसर कामकोटी ने क्या कहा था
प्रोफेसर वी. कामकोटी ने जनवरी 2025 में गोमूत्र के बारे में कुछ बयान दिया था. इस पर बहस छिड़ गई थी. उन्होंने कहा था कि गोमूत्र में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल , एंटी-इंफ्लेमेटरी और डाइजेस्टिव प्रॉपर्टीज़ होती हैं.
केरल कांग्रेस का पोस्ट
वी कामकोटी को ये सम्मान मिलने पर केरल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट किया, "वी कामकोटी को यह सम्मान मिलने पर बधाई. देश IIT मद्रास में गाय के मूत्र पर आपकी बेहतरीन रिसर्च को पहचानता है, जिसने गोमूत्र को दुनिया के मंच पर पहुंचाया है.
जोहो के मालिक ने कांग्रेस को दिया जवाब
प्रोफेसर कामकोटी के केरल कांग्रेस के तंज पर भरे पोस्ट पर ज़ोहो कॉर्पोरेशन के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने जबाव दिया. उन्होंने लिखा, "प्रोफेसर कामाकोटी डीप टेक में काम करते हैं. माइक्रो-प्रोसेसर डिज़ाइन. वह IIT-मद्रास के डायरेक्टर हैं, जो भारत का सबसे अच्छा टेक्नोलॉजिकल संस्थान है. वह NSAB में काम करते हैं.bह इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं."
उन्होंने आगे कहा, "मैंने वैज्ञानिक आधार पर उनका बचाव किया है और मैं फिर से ऐसा करूंगा. गाय के गोबर और गोमूत्र में बेहतरीन माइक्रोबायोम होते हैं जो इंसानों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं."
"यह गुलामी वाली औपनिवेशिक मानसिकता है जो सोचती है कि ये वैज्ञानिक बातें नहीं हैं जिनकी जांच की जानी चाहिए. किसी दिन जब हार्वर्ड या MIT इस पर कोई स्टडी पब्लिश करेंगे, तो ये गुलाम दिमाग वाले लोग उसे सच मान लेंगे."
गणतंत्र दिवस की पूर्व संख्या पर केंद्र सरकार ने 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया है.
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