2019 में अपनी मौत के समय जेफरी एपस्टीन बेहद अमीर आदमी था. उसकी संपत्ति में कई आलीशान घर, कैरेबियन के दो निजी द्वीप और लगभग 380 मिलियन डॉलर की नकदी व निवेश शामिल थे. उसकी एस्टेट के रिकॉर्ड के मुताबिक, उसकी कुल संपत्ति 578 मिलियन डॉलर थी यानी 52,367 करोड़ रुपये.
अब सवाल है, एपस्टीन ने इतनी बड़ी दौलत कैसे जुटाई. एक यौन अपराधी और घिनौना काम करने वाला आखिर इतना पैसा कैसे बना सकता है. सीधी संभावना यह है कि उसका अपराध उसके रोजाना के काम से अलग था. वह खुद को अरबपतियों का वित्तीय सलाहकार बताता था और निवेश, टैक्स और एस्टेट प्लानिंग जैसी सर्विल देता था. 2013 की एक कॉर्पोरेट फाइलिंग में उसने खुद को 'अनुभवी और सफल फाइनेंशियल एक्सपर्ट, कई फायदे वाली कंपनियां बनाने वाला एंटरप्रेन्योर, और डेरिवेटिव और ऑप्शन–बेस्ड इनवेस्टिंग का पायनियर' बताया था.
ब्लैकमेल करके पैसा कमाया
इससे ज्यादा विवादित दावा यह है कि एपस्टीन ने अपने घरों और निजी द्वीपों पर आने वाले अमीर लोगों की गैरकानूनी हरकतों को गुप्त रूप से रिकॉर्ड किया और फिर उन्हें ब्लैकमेल करके पैसा कमाया. उसके वित्तीय कारोबार को इसके लिए एक कवर के रूप में इस्तेमाल किया गया. यह आरोप अलग-अलग लोगों द्वारा लगाया गया, हालांकि इसका कोई ठोस सबूत अब तक सामने नहीं आया है.
एपस्टीन की संपत्ति का असली स्रोत आज भी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन Forbes द्वारा कोर्ट के दस्तावेज, जांच रिपोर्ट और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा से यह साफ दिखता है कि उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा दो अरबपतियों और एक टैक्स स्कीम पर आधारित था.
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दो अरबपतियों ने खड़ी की एपस्टीन की कमाई
एपस्टीन के दो सबसे बड़े ग्राहक थे-विक्टोरिया सीक्रेट के लंबे समय तक प्रमुख रहे लेस वेक्सनर और निजी निवेश फर्म के मालिक लियॉन ब्लैक. Forbes के एपस्टीन की संपत्तियों के बारे में लिखें एक आर्टिकल के मुताबिक, 1999 से 2018 के बीच एपस्टीन की दो मुख्य कंपनियों ने 800 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाए. इसमें से करीब 490 मिलियन डॉलर फीस के रूप में सीधे एपस्टीन को मिले. अनुमान है कि उसकी कमाई का 75 फीसदी हिस्सा वेक्सनर और ब्लैक से ही आता था.
ये दोनों कंपनियां यू.एस. वर्जिन आइलैंड्स में रजिस्टर्ड थीं, और 1999 से उसकी मौत तक यही कंपनियां उसका असली कमाई का जरिया थीं. ट्रम्प और एपस्टीन दोस्त थे, लेकिन किसी बिजनेस संबंध का कोई सबूत नहीं है. खबरों के मुताबिक, 2004 में दोनों एक ही पाम बीच प्रॉपर्टी खरीदने की कोशिश में आमने-सामने आए, और आखिर में ट्रम्प ने वह संपत्ति ले ली.
वेक्सनर, जो अब 87 साल के हैं, ने 1991 से 2007 तक एपस्टीन को लगभग 200 मिलियन डॉलर दिए. ब्लैक, जो अब 73 साल के हैं, ने 2012 से 2017 के बीच एपस्टीन को 170 मिलियन डॉलर चुकाए. यह जानकारी Dechert LLP की स्वतंत्र जांच और अमेरिकी सीनेट फाइनेंस कमेटी की रिपोर्ट में दर्ज है.
एपस्टीन लगभग टैक्स-फ्री अमीर बना क्योंकि उसे यू.एस. वर्जिन आइलैंड्स में भारी टैक्स छूट मिलती थी. वह 1996 में वहां का निवासी बना और 1998 में Financial Trust Company शुरू की. यही वह साल था जब उसने 8 मिलियन डॉलर खर्च कर लिटिल सेंट जेम्स आइलैंड खरीदा. वित्तीय रिकॉर्ड बताते हैं कि 1999 से 2018 तक, एपस्टीन ने टैक्स स्कीम के जरिए 300 मिलियन डॉलर बचाए और साथ ही अपनी कंपनियों से 360 मिलियन डॉलर डिविडेंड के तौर पर कमाए.
वेक्सनर और ब्लैक दोनों ने एपस्टीन से अपने संबंधों पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है और कहा है कि उन्हें उसकी आपराधिक हरकतों की जानकारी नहीं थी. 2020 में वेक्सनर ने CEO पद छोड़ दिया और कहा कि अगर उन्हें सच पता होता तो वह कभी एपस्टीन के साथ काम नहीं करते. ब्लैक ने भी 2020 में कहा कि उन्हें एपस्टीन से जुड़ाव पर गहरा पछतावा है. Dechert रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ब्लैक के किसी अपराध में शामिल होने के सबूत नहीं मिले. 2021 में ब्लैक ने Apollo के CEO और Museum of Modern Art के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया.
हाई–प्रोफाइल ग्राहक भी थे कतार में
एपस्टीन के और भी ग्राहक थे जैसे जॉनसन एंड जॉनसन परिवार की उत्तराधिकारी एलिजाबेथ जॉनसन और अरबपति ग्लेन डुबिन. डुबिन की कंपनी हाइब्रिज कैपिटल ने 2004 में 1.3 बिलियन डॉलर की डील कराने पर एपस्टीन को 15 मिलियन डॉलर दिए. यह वही साल था जब एपस्टीन ने 127 मिलियन डॉलर कमाए.
वेक्सनर ने एपस्टीन की संपत्ति की नींव खड़ी की थी. 1963 में स्थापित द लिमिटेड कंपनी से अरबपति बने वेक्सनर ने एपस्टीन को 1980 के दशक में अपनी संपत्ति प्रबंधन के लिए रखा. 1991 तक एपस्टीन को वेक्सनर की संपत्ति पर पूरी कानूनी अधिकार मिल गया था. एपस्टीन लंबे समय तक वेक्सनर के मैनहटन टाउनहाउस में रहा, जिसे 2011 में वेक्सनर ने उसके नाम कर दिया.
2007 में दोनों के बीच रिश्ता टूट गया, जब एपस्टीन ने वेक्सनर से 46 मिलियन डॉलर गलत तरीके से निकाल लिए. इसके बाद उसका व्यवसाय तेजी से गिरा. 2008 की आर्थिक मंदी और उसके खिलाफ केस दर्ज होने के कारण 2008 से 2012 के बीच उसे 166 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ.
एपस्टीन की कमाई का दूसरा दौर लियॉन ब्लैक की वजह से चला. ब्लैक ने 2012 से 2017 के बीच टैक्स और एस्टेट प्लानिंग के नाम पर उसे 170 मिलियन डॉलर दिए. 2017 में ब्लैक ने उसे 30.5 मिलियन डॉलर का कर्ज भी दिया, जिसका पूरा पैसा भी वापस नहीं मिला. 2018 में ब्लैक ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया.
मौत के बाद भी बची 131 मिलियन डॉलर की संपत्ति
1999 से 2018 तक एपस्टीन ने सिर्फ 41 मिलियन डॉलर टैक्स चुकाया. यानी उसकी औसत टैक्स दर लगभग 4 फीसदी रही.2022 में वर्जिन आइलैंड्स की सरकार ने एपस्टीन की एस्टेट से 80 मिलियन डॉलर वापस लिए, जो धोखे से हासिल किए गए थे. 2023 में ब्लैक ने भी इसी मामले में 62.5 मिलियन डॉलर देकर समझौता किया.
एपस्टीन की मौत के छह साल बाद भी उसकी एस्टेट में 131 मिलियन डॉलर की संपत्ति बची हुई है. जांच में यह भी सामने आया कि उसके बैंक खातों में 4,700 से ज्यादा लेन–देन हुए. कुल मिलाकर 1.9 बिलियन डॉलर है.
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