एक्सपर्ट एक AI डेथ बॉट बना रहे हैं. जो बता देगा कि इंसान की मौत कब होगी. इसके लिए ये संबंधित शख्स की स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यवसाय, आय, पता और काम करने के तरीकों की जानकारी लेगा. इसके बाद उसके बारे में अनुमान लगाएगा. डेनमार्क के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह 79 फीसदी मामलों में सही होता है और मानव जीवन का विश्लेषण करने के लिए अब तक का सबसे सटीक सिस्टम है. वैज्ञानिक डेनमार्क के छह मिलियन लोगों के 2008 से 2020 तक एकत्रित किए गए डेटा के साथ इसका पशीक्षण कर रहे हैं.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इस सिस्टम को 'मानव जीवन की घटनाओं के एक लंबे अनुक्रम के रूप में डिजाइन किया गया है, बिल्कुल वैसे ही जैसे किसी भाषा में एक वाक्य में शब्दों की एक श्रृंखला होती है.' डेनमार्क की टेक्निकल यूनिवर्सिटी के स्यूने लेहमैन जोर्गेनसेन ने कहा, 'हमने मॉडल का इस्तेमाल ये पता लगाने के लिए किया, कि हम आपके अतीत की स्थितियों और घटनाओं के आधार पर भविष्य में होने वाली घटनाओं की किस हद तक भविष्यवाणी कर सकते हैं.'
शोधकर्ताओं ने 35 से 65 साल की उम्र के लोगों का एक ग्रुप बनाया था. जिनमें से आधे लोगों की 2016 और 2020 के बीच मौत हो चुकी है. 2008 से 2016 तक उनकी जानकारी सिस्टम में डाली गई थी और यह भविष्यवाणी करने के लिए कहा कि कौन अभी भी जीवित होगा और कौन 2020 तक मर जाएगा. नतीजों में अनुमान के आधार के 50% की सटीकता दर बताई गई. ऑटोमेटिड सिस्टम ने जो बताया, वो 78.8% तक सटीक था. पहले किसी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल ने यह हासिल नहीं किया है.
नेचर कम्प्यूटेशनल साइंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, इंश्योरेंस करने वाले लोग 'लाइफ टेबल' का इस्तेमाल करते हैं. इनके मुकाबले सिस्टम कहीं अधिक सटीक है. उसकी सटीकता दर 55.5% है.
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