शनिवार की रात, जब पूरा देश दशहरा मना रहा था, उसी वक्त एक ऐसी खबर आई जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया. एनसीपी अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की देर रात, बांद्रा ईस्ट में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई.
आनन-फानन में बाबा सिद्दीकी को मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली. इस घटना से शहर और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, बांद्रा ईस्ट में बाबा सिद्दीकी पर गोली चलाई गई, जो कि निर्मल नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में आता है.
बाबा सिद्दीकी रात 9.15 से 9.20 मिनट के बीच ऑफिस से निकले थे. उनके ऑफिस के पास पटाके फूट रहे थे, इसी का फायदा उठाकर उन्हें हमलावरों ने गोली मार दी.
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बाबा सिद्दीकी ट्रेंड करने लगे. लोगों ने मुंबई की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए. बता दें, बाबा सिद्दीकी सोशल मीडिया पर काफी 'एक्टिव' थे
हत्या से कुछ घंटे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट किया था. सुबह 11:11 बजे उन्होंने दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए लिखा था-सभी को दशहरा की शुभकामनाएं! यह दशहरा आप सभी के लिए खुशियां, शांति और समृद्धि लेकर आए.
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इसके पहले उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रतन टाटा की एक तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा था, 'एंड ऑफ ऐन एरा,' यानी एक युग का अंत.
25 दिनों से इलाके पर नजर रख रहे थे आरोपी हमलावर
मुंबई पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों के बिश्वोई गैंग से जुड़े होने का खुलासा हुआ है. सूत्रों का कहना है कि आरोपी पिछले 25-30 दिनों से उस इलाके पर नजर बनाए हुए थे. तीनों आरोपी ऑटो रिक्शा में सवार होकर बांद्रा ईस्ट पहुंचे थे, जहां फायरिंग की घटना हुई थी
सूत्रों ने यह भी बताया कि बाबा सिद्दीकी पर हमला करने से पहले तीनों आरोपियों ने कुछ समय वहां बिताया और उनके आने का इंतजार किया. पुलिस को शक है कि आरोपियों को किसी अन्य व्यक्ति से भी अंदर की जानकारी मिल रही थी. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है.
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