आज से 16 साल पहले यानी 11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ था, हमले ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था. इस हमले में लगभग 3 हजार लोगों की मौत हुई थी. जानें- क्या हुआ था 9 सितंबर 2001 के दिन.
11 सितंबर 2001 को अल कायदा के 19 आतंकवादियों ने चार कमर्शियल एयरलाइंस को हाईजैक कर लिया था. इनमें से दो विमान अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 11 और यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 175 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकरा दिया गया था. अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 11 ने सुबह 7.59 मिनट पर 11 क्रू मेंबर्स और 76 सवारियों के साथ उड़ान भरी थी, हाईजैक किए इस विमान को सुबह 8:46 बजे न्यूयॉर्क की 11 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टॉवर से टकरा दिया गया.
इसके बाद सुबह 9:03 बजे यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 175 ट्विन टावर के साउथ टॉवर से टकराई. इस फ्लाइट में 9 क्रू मेंबर्स और 51 यात्री थे. इस हमले में विमानों में सवार सभी लोग और इमारतों के अंदर काम करने वाले कई लोग मारे गए. 1 घंटे 42 मिनट में अमेरिका की ये दोनों इमारतें ढह गईं. इनके आसापस की कुछ इमारतें भी नष्ट हो गईं और अन्य कुछ क्षतिग्रस्त हुईं.
हाईजैक किया गया तीसरा विमान जो कि अमेरिकी एयरलाइंस 77 था वो वर्जिनिया स्थित पेंटागन से जा टकराया जिसमें इमारत का एक हिस्सा गिर गया.
वहीं हाईजैक किए गए चौथे विमान, यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93 को पहले वॉशिंगटन डीसी की तरफ ले जाया गया लेकिन बाद में उसे पेनसिल्वेनिया के पास स्टोनीक्रीक टाउनशिप के मैदान में सुबह 10.03 मिनट पर क्रैश किया गया. इस विमान में 7 क्रू मेंबर और 33 यात्री थे.
इस हमले में 2,997 लोगों की जान गई थी और 6 हजार से ज्यादा लोग इसमें जख्मी हुए थे जबकि लगभग 10 बिलियन डॉलर की संपत्ति का नुकसान हुआ था.
यह हमला कितना बड़ा था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस हमले में लगी आग को बुझाने में लगभग 100 दिन का समय लगा था.
इस हमले में ट्विन टावर में 90 से ज्यादा देशों के नागरिक मारे गए थे. लगभग 200 लोगों की मौत इमारत में लगी आग के बाद वहां से कूद जाने की वजह से हुई. लोगों की जान बचाने में 343 अग्निशामक और 60 पुलिस अधिकारियों की भी मौत हो गई थी.
बता दें कि ट्विन टावर 4 अप्रैल 1973 को बनकर तैयार हुआ था जिसकी 7 इमारते थीं. इसको बनाने में 400 मिलियन डॉलर खर्च हुए थे. ट्विन टावर में लगभग 50 हजार कर्मचारी काम करते थे. यह इमारत कितनी विशाल थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां 239 लिफ्ट थीं.
बताया जाता है कि ट्विन टावर के निर्माण के दौरान 60 लोगों की मौत हुई थी.
11 सितंबर 2001 से पहले भी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में कुछ घटनाएं हुई थीं. 13 फरवरी 1975 को इस नॉर्थ टावर की 11वीं मंजिल पर 3 अलार्म फायर टूट गए थे जिसके बाद वहां आग लग गई थी जो 9वीं से 14वीं मंजिल तक फैल गई थी और उस समय कोई भी आग बुझाने का यंत्र नहीं होने के चलते नुकसान हुआ था.
इसके बाद 26 फरवरी 1993 को दोपहर 12.17 बजे 680 किलो विस्फोटक से भरे एक ट्रक में गेराज में विस्फोट हुआ जिसमें 6 लोगों की डान चली गई थी और 1042 लोग इस हमले में घायल हुए थे. इस हमले में आतंकी रमजी यूसुफ का नाम आया था.
साल 1998 में जनवरी में माफिया राल्फ गुआरिनो ने तीन लोगों की मदद से यहां 2 मिलियन की चोरी की थी.