लॉकडाउन के कारण खाली सड़क पर रात के दो-तीन बजे एक बस स्पीड से निकली तो नियंत्रण खो बैठी. वह एक ऐसे मिनी ट्रक से जाकर टकरा गई जिसमें करीब 65 लोग ठूंस कर भरे थे. नतीजन, मौके पर मौत का तांडव मच गया. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 57 घायल हो गए है. यह दर्दनाक हादसा मध्य प्रदेश के गुना में हुआ.
गुना में कैंट थाना क्षेत्र के बायपास पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि सभी मजदूर एक मिनी ट्रक में सवार होकर महाराष्ट्र से यूपी की तरफ जा रहे थे लेकिन देर रात लगभग 2-3 बजे के बीच ये भीषण हादसा हुआ.
यात्री बस और ट्रक के बीच हुए हादसे में दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए. गनीमत ये रही कि यात्री बस में केवल ड्राइवर और एक क्लीनर सवार था, नहीं तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी. बताया जा रहा है कि यात्री बस ग्वालियर से अहमदाबाद के लिए जा रही थी, वहीं ट्रक में सवार मजदूर महाराष्ट्र से यूपी की ओर रवाना हुए थे.
प्रशासनिक हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, देर रात हुए हादसे में घटनास्थल पर ही 7 मजदूरों की मौत हो गई थी. वहीं, एक अन्य मजदूर की मौत अस्पताल ले जाते वक्त हो गई. अब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है. 54 मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं तो वहीं 3 मजदूर आंशिक रूप से घायल बताए जा रहे हैं.
देर रात हुए हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस, एम्बुलेंस, मेडिकल स्टाफ की टीम पहुंच गई जिसके बाद घायल प्रवासी मजदूरों का रेस्क्यू किया गया. सभी प्रवासी मजदूर महाराष्ट्र से यूपी के विभिन्न जिलों उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ जा रहे थे.
आमतौ पर जिस मिनी ट्रक में केवल 25-30 लोगों के बैठने की क्षमता होती है उसमें 60 से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को भरकर ले जाया जा रहा था. इसके पीछे मजदूरों की मजबूरी भी एक बड़ा कारण है क्योंकि लॉकडाउन में परिवहन सेवा बंद होने की वजह से मजदूर हर खतरा मोल लेकर अपने घरों की ओर लौटना चाहते हैं.
एएसपी टीएस बघेल ने बताया कि हादसे के वक्त जो मजदूर खत्म हुए, उनकी दम घुटने से मौत होने की बात भी निकल कर आ रही है. फिलहाल सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. बताया जा रहा है की प्रवासी मजदूरों को बस में बैठाकर यूपी के लिए रवाना किया जायेगा. बहरहाल इस मामले की उच्च स्तरीय जांच भी शुरू कर दी गई है कि आखिरकार हादसे के क्या कारण रहे?