हुआ ये कि 6 अप्रैल को नीतू अपने घर से गुम हो गई. परिवार वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने महिला के पति राम लखन पर शक किया. हालांकि, बाद में पुलिस ने मामले में लखन का जुड़ाव नहीं पाया. (प्रतीकात्मक फोटो, Getty)
24 अप्रैल को पुलिस ने नीतू के परिवार वालों को एक डेड बॉडी दिखाई. बॉडी नोएडा के सेक्टर 115 में मिली थी जो पूरी तरह जल गई थी. परिवार वालों ने उसकी पहचान नीतू के तौर पर कर ली. (प्रतीकात्मक फोटो, Getty)
पुलिस ने बिना डीएनए सैंपल मैच कराए शव दे दिया. उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. हालांकि, पुलिस की टीम मामले की जांच करती रही, ताकि घटना के पीछे की साजिश पता चल सके. पुलिस को पता चला कि नीतू एटा के एक शख्स पूरण के साथ रह रही थी. (प्रतीकात्मक फोटो, Getty)
तब पुलिस को मालूम चला कि नीतू वहां से 5 अप्रैल को चली गई. इसके बाद पुलिस को नीतू का पता चला. नीतू 2 मई को परिवार वालों के पास पहुंची. अब पुलिस उस महिला की पहचान सामने लाने की कोशिश कर रही है जिसकी डेड बॉडी का दाह संस्कार कर दिया गया था. (प्रतीकात्मक फोटो, Getty)