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मुस्‍ल‍िम महिला ने उर्दू में लिखी रामायण, कहा- अच्‍छी बातें सब जानें

अंकुर कुमार
  • 30 जून 2018,
  • अपडेटेड 10:41 AM IST
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एक मुस्‍लि‍म महिला ने हिंदू मुस्लिम सौहार्द का एक बड़ा उदाहरण कायम किया है.

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मुस्लिम महिला ने हिंदुओं के प्रसिद्ध धर्मग्रन्थ रामायण को उर्दू में ट्रांसलेट किया है.

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इसके साथ ही इस महिला ने देश की गंगा-जमुनी तहजीब का परिचय देते हुए सांप्रदायिक सौहार्द्र और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है. (प्रतीकात्‍मक फोटो: GETTY)

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यह मिसाल पेश की है कानपुर के प्रेमनगर इलाके की निवासी डॉक्टर माही तलत सिद्दीकी ने. (प्रतीकात्‍मक फोटो: GETTY)

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उर्दू रामायण की रचना करने के पीछे माही तलत सिद्दीकी का मकसद है कि हिंदू समुदाय के अलावा मुस्लिम समुदाय को भी रामायण की अच्छी बातों के बारे में पता चले. (प्रतीकात्‍मक फोटो: GETTY)

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डॉक्टर माही तलत सिद्दीकी के अनुसार रामायण को बहुत ही खूबसूरत तरीके से लिखा गया है. बाकी धर्मग्रन्थों के पवित्र शब्दों की तरह रामायण भी हमें शांति और भाईचारे का संदेश देती है. (प्रतीकात्‍मक फोटो: GETTY)

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उर्दू रामायण की रचना करने के पीछे माही तलत सिद्दीकी का मकसद है कि हिंदू समुदाय के अलावा मुस्लिम समुदाय को भी रामायण की अच्छी बातों के बारे में पता चले. (प्रतीकात्‍मक फोटो: GETTY)

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डॉक्टर माही तलत सिद्दीकी ने बताया कि रामायण को उर्दू में लिखने के बाद उन्‍हें आराम और शांति का अहसास हो रहा है. (प्रतीकात्‍मक फोटो: GETTY)

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उर्दू रामायण की रचना करने में डॉक्टर माही तलत सिद्दीकी को  डेढ़ साल से ज्यादा का वक्त लगा.
(प्रतीकात्‍मक फोटो: REUTERS)

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डॉक्टर माही तलत सिद्दीकी ने बताया है कि हिंदी से उर्दू अनुवाद के दौरान उन्होंने इस बात का भी ध्यान रखा कि कहीं से भी रामायण में मौजूद हिंदी भाषा वाले के शब्‍दों के भावार्थ से छेड़छाड़ न हो. (प्रतीकात्‍मक फोटो: GETTY)

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हिंदी साहित्य में एमए (मास्टर ऑफ आर्ट्स) की डिग्री रखने वाली डॉ. माही के अनुसार वह आगे भी अपनी लेखनी से गंगा-जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाने का काम करती रहेंगी. (प्रतीकात्‍मक फोटो: REUTERS)

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