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मिया खलीफा ने किसानों के बाद अब इस देश के लिए उठाई आवाज, इंस्टाग्राम ने हटाई पोस्ट

aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 11 मई 2021,
  • अपडेटेड 3:56 PM IST
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भारत के किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट कर चर्चा में आईं पूर्व पॉर्न स्टार मिया खलीफा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उन्होंने इजरायल और फलीस्तीन के बीच चल रहे जबरदस्त विवाद को लेकर एक पोस्ट किया जिसे इंस्टाग्राम ने डिलीट कर दिया, लेकिन मिया खलीफा ने एक बार फिर पोस्ट कर फलीस्तीन के साथ सौहार्द दिखाया. 
 

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मिया खलीफा ने फलीस्तीन-अमेरिकन सुपरमॉडल बेला हदीद की एक तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर में एक फलीस्तीनी परिवार मौजूद है जिसे अपने घर से बाहर निकाला जा रहा है. बेला हदीद ने इस तस्वीर को लेकर टिप्पणी की है और इजरायल के साथ ही अमेरिका को लेकर भी निशाना साधा है.

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बेला हदीद ने कहा कि ये इमेज देखकर आपको असहज होना चाहिए. फर्ज कीजिए कि ऐसा ही कुछ आपकी मां या आपकी दादी जबकि वे व्रत या रोजा रख रहे हों. अगर आप अमरीकी हैं तो आपको पता होना चाहिए कि आपके टैक्स डॉलर्स से ये सब हो रहा है. हमने इजरायलियों को हर साल 3.8 बिलियन डॉलर्स दिए हैं. क्या आप जानते थे ये बात?

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मिया खलीफा ने इससे पहले भी इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर की थीं जिनमें फलीस्तीन के लोगों के साथ इजरायल के सैनिक और सुरक्षाबल हिंसा करते हुए नजर आ रहे थे. मिया खलीफा ने फलीस्तीन को सपोर्ट किया था लेकिन इस पोस्ट को इंस्टाग्राम ने डिलीट कर दिया था. 

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हालांकि इसके बाद भी मिया खलीफा ने बेला हदीद के चेहरे वाला एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा कि उम्मीद है कि मैं सुपरमॉडल बेला हदीद की तस्वीर शेयर करूंगी तो इंस्टाग्राम इस पोस्ट को डिलीट नहीं करेगा. वहीं कमेंट बॉक्स में जहां कई लोग मिया के पोस्ट के खिलाफ दिखे तो कई लोगों ने उन्हें सपोर्ट भी किया. 

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गौरतलब है कि सोमवार रात को फलस्तीनी चरमपंथियों ने येरुशलम पर कुछ रॉकेट दागे थे जिसके बाद इजरायल की सेना ने गाजापट्टी में कई ठिकानों पर हमले किए हैं. इससे पहले येरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद के करीब इजरायल और फलीस्तीन के बीच टकराव के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. 
 

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गौरतलब है कि येरुशलम में रमजान के दौरान इसरायल द्वारा सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की वजह से भी फलस्तीनी गुस्सा थे. पहले से यह अनुमान था कि सोमवार को येरुशलम दिवस पर होने वाले फ्लैग मार्च के दौरान शहर में और हिंसा हो सकती है. येरुशलम दिवस वर्ष 1967 में इसरायल द्वारा पूर्वी-येरुशलम पर कब्जा करने को चिन्हित करने के लिए मनाया जाता है और इस अवसर पर यहूदी नौजवान मुस्लिम इलाकों से एक मार्च निकालते हैं. 

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दुनिया भर के देशों ने एक बार फिर इसरायल और फ़लस्तीनियों से शांति बहाल करने की अपील की है. अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने इसरायल और फलस्तीनियों से जल्द से जल्द तनाव कम करने का आग्रह किया है. हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया हुआ है. 

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