बार-बार बुखार आने पर कस्बे का एक युवक डॉक्टर की सलाह पर पैथोलॉजी सेंटर पर टायफाइड की जांच कराने पहुंचा. पैथोलॉजी ने शाम को जो रिपोर्ट दी उसे देखकर युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई. रिपोर्ट में उसे गर्भवती दिखा दिया गया. चौंका देने वाला यह मामला मध्यप्रदेश के भिंड जिले का है.
मीडिया की खबरों के अनुसार, भिंड जिले में फूफ कस्बे के श्याम पैथोलॉजी सेंटर पर सुरेश टायफाइड की जांच कराने पहुंचा तो उसे यहां से जो रिपोर्ट दी गई उसमें गर्भवती होना बता दिया गया. यह देख युवक घबरा गया और टायफाइड की सलाह देने वाले डॉ. वी के वर्मा के पास पहुंचा.
डॉक्टर ने रिपोर्ट देखने के बाद उसे समझाया कि ऐसा कुछ नहीं है, घबराओ नहीं. साथ ही उसे किसी दूसरी पैथोलॉजी पर टायफाइड की जांच कराने की सलाह दे दी लेकिन इसके बाद डॉ. वर्मा भी अपना क्लीनिक बंद कर फरार हो गया है.
गलत रिपोर्ट की जानकारी लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और फूफ कस्बे की पैथोलॉजी पर छापेमारी कार्रवाई की. स्वास्थ्य विभाग ने श्याम पैथोलॉजी के अलावा जीवन रक्षक पैथोलॉजी एवं बीआरएस पैथोलॉजी को भी सील कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई बगैर रजिस्ट्रेशन चल रही पैथोलॉजी पर की गई है. गलत जांच रिपोर्ट देने के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी.
इधर, श्याम पैथोलॉजी के संचालक ने बताया कि डॉ. वर्मा मेरी पैथोलॉजी पर आए और उन्होंने ही लेटर हेड लेकर जांच रिपोर्ट बना दी थी. बता दें कि विडाल टेस्ट रिपोर्ट टाइफाइड के लिए कराई जाती है. इसकी रिपोर्ट में विडाल की जगह प्रेग्नेंसी पॉजिटिव बता दिया गया था.