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प्ले-ग्राउंड्स बन गए घर, अपने टैलेंट से बड़ों को भी तनाव से दूर रख रहे बच्चे

aajtak.in
  • 27 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 2:35 PM IST
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कोरोना वायरस खतरे को देखते हुए लॉकडाउन में हर कोई सावधानी बरत रहा है. इस वक्त बच्चों को भी घर पर माता-पिता के साथ पूरा वक्त बिताने को मिल रहा है. इस मौके का वो अपने अपने तरीके से सदुपयोग कर रहे हैं. 

(Photos: Mausami Singh)


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बच्चे पढ़ाई के साथ घरों को ही रीक्रिएशन सेंटर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. नन्हे धनुष को पिता के साथ गाने में बहुत आनंद आता है. उसके पिता भी हारमोनियम पर तान देकर उसका साथ दे रहे हैं.

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वो ताजा गानों पर डांस कर रहे हैं. फॉर्मल से दूर अब पिता भी फैंसी कपड़े पहन कर बच्चों से मैचिंग कर रहे हैं. छोटा प्रद्योत हनुमान बने हुए ही शिव के अवतार में आकर शिव तांडव करने लगता है. नन्ही प्रवण्या पिता के शेविंग करते वक्त झाग बनाने में मदद कर रही है.

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ये बच्चे रूम सर्विस, कार क्लीनिंग का रोल निभाते निभाते टीचर के चोले में आ जाते है. सही तो है जीवन की छोटी छोटी खुशियों का पाठ इन से बढ़िया और कौन दे सकता है.

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ये बच्चे खुद को व्यस्त रखने के साथ बड़ों की भी बोरियत दूर कर रहे हैं. वो आपके साथ खेल कर थकाएंगे, आपको हंसाएंगे, सारे तनाव के बावजूद वो आपको एहसास कराएंगे कि ये वक्त कितना कीमती है जो आप अपने प्रियजनों के साथ बिता रहे हैं.

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समर अपनी जादुई झाड़ू के साथ पंजाबी गाने की बीट पर थिरक कर सभी का मनोरजंन कर रहा है.

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उम्र की भी कोई सीमा नहीं है. कहते हैं न बड़े भी बच्चों के साथ बच्चे हो जाते हैं. अमायरा की दादी भी डान्स में पोती का साथ दे रही है. आध्या के डैड रेस में उससे मुकाबला कर रहे हैं. घर में रिले रेस के लिए बर्तनों का ही इस्तेमाल हो रहा है.

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ऐसा नहीं कि इन छोटे बच्चों को पता नहीं कि इस वक्त देश दुनिया किस घड़ी से गुजर रहे हैं. 4 साल की यश्वी को भी बार बार हाथ धोने और घर को साफ रखने की अहमियत पता है.

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गाथा अपने टैडी को सैनिटाइज करने में लगी है. कहती है- ‘टैडी को नहीं पता कि हाथों को कैसे सैनेटाइज करना है, इसलिए मैं उसे समझा रही हूं कि वायरस को कैसे अपने से दूर रखना है.’

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पिता इनदिनों भरपूर वक्त होने की वजह से बच्चों के पसंदीदा पंचिंग बैग्स बने हुए हैं. ये बड़ों को भी ‘पोशम पा भई पोशम पा’ जैसे गीतों से उनके बचपन में लौटने का एहसास दिला रहे हैं.

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बच्चे इन लम्हों का जहां खूब फायदा उठा रहे हैं वो अपने मासूम तरीकों से सार्थक संदेश भी दे रहे हैं, जिन्हें आम दिनों की भागदौड़ में समझने के लिए हम बड़े वक्त नहीं निकाल पाते.

(All Photos: Mausami Singh)

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