कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) को 40 के करीब सीटें मिलती दिख रही हैं. ऐसे स्थिति में जिस भी पार्टी को जेडीएस समर्थन देगी, सरकार उसी की बनेगी. यानीं बीजेपी और कांग्रेस से कम सीटें जीतने के बावजूद जेडीएस की भूमिका अहम हो गई है. आइए जानते हैं इस पार्टी के बारे में खास बातें...
जेडीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवगौड़ा हैं. हालांकि, उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी भी पार्टी में प्रमुख स्थान रखते हैं और कर्नाटक जेडीएस के अध्यक्ष हैं. जेडीएस की स्थापना एचडी देवगौड़ा ने 1999 में जनता दल से अलग होकर की थी. जनता दल की जड़ें 1977 में कांग्रेस के खिलाफ बनी जनता पार्टी से शुरू हुई थी.
शुरू में कर्नाटक में जनता दल की कमान देवगौड़ा के हाथों में थी. उन्हीं के नेतृत्व में जनता दल ने 1994 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई और देवगौड़ा मुख्यमंत्री बने. 1996 में जनता दल के नेता के रूप में कांग्रेस के समर्थन से एचडी देवगौड़ा 10 महीने तक देश के प्रधानमंत्री भी रहे.
वहीं, देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी राज्य में बीजेपी के समर्थन से भी सरकार चला चुके हैं. 2004 के चुनाव के बाद कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बनाई थी और कांग्रेस के धरम सिंह सीएम बने. लेकिन 2006 में जेडीएस गठबंधन सरकार से अलग हो गई. फिर बीजेपी के साथ बारी-बारी से सत्ता संभालने के समझौते के तहत कुमारस्वामी जनवरी 2006 में सीएम बने.
अगले साल सत्ता बीजेपी को सौंपने की जगह कुमारस्वामी ने अक्टूबर 2007 में राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा.
बाद में जेडीएस ने बीजेपी को समर्थन का ऐलान किया. इस समझौते के तहत 12 नवंबर 2007 को बी. एस. येदियुरप्पा 7 दिन के लिए सीएम बने थे.