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स्‍टेशन पर जहरीले गैस से किया था मास मर्डर, बाबा को दी गई फांसी

अंकुर कुमार
  • 06 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST
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जापान में एटम बम के बाद सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी 1995 में हुई थी. इसका कारण बना था एक बाबा. (फोटो: AP)

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अब उस बाबा शोको अशाहारा और उसके 6 अनुयाय‍ियों को फांसी दे दी गई है.  (फोटो: GETTY)

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पिछले 14 साल से ये सभी जेल में बंद थे.  (फोटो: GETTY)

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इन पर जापान की राजधानी टोक्यो में वर्ष 1995 में ज़हरीली गैस सरिन से हमला करने  का दोष था.   (फोटो: GETTY)

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'ओम शिंरिक्यो' डूम्सडे पंथ के नेता शोको असहारा को उसके 6 अनुयायियों को शुक्रवार दी गई. (फोटो: GETTY)

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जापान की सबसे बड़ी आतंकी घटनाओं में से एक इस हमले में 13 लोग मारे गए थे और हज़ारों घायल हुए थे. (फोटो: AP)

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घायल लोगों से कई आज भी इस  गैस की वजह से मानसिक और शारीरिक रूप से द‍िक्‍कत का सामना कर रहे हैं. (फोटो: GETTY)

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इनके अनुयायियों ने सरिन गैस से भरे बैग सबवे स्‍टेशन पर रख दिए थे. इसके वे लोग छाते की नोक से बैग में छेद कर फरार हो गए थे. (फोटो: GETTY)

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इस पंथ के 8 आरोपी अब भी मौत की सजा पाकर जेल में बंद हैं. (फोटो: GETTY)

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हमले के बाद लोग खांसते उलटी करते हुए स्‍टेशन से बाहर निकले थे.  हेलिकॉप्‍टर को सड़क पर उतारकर लोगों को जल्‍द से जल्‍द अस्‍पताल पहुंचाया गया  था.

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हमले के दो महीने बाद माउंट फूजी के पास से मुख्‍य आरोपी  शोको असहारा  को गिरफ्तार किया गया था.

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उस दौरान दावा किया गया था कि इस पंथ के 10हजार अनुयायी जापान में और 30 हजार रूस में हैं.

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साल 2000 में इस पंथ का नाम बदलकर असेल्‍फ रख दिया गया,लेकिन कभी इस पर बैन नहीं किया गया.

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रिपोर्ट के अनुसार दिमागी चोट से ब्‍लाइंड हो चुके इस बाबा के प्रवचनों का असर उसके अनुयायियों पर काफी ज्‍यादा होता था.

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