पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भले ही गर्त में पहुंच रही हो लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का दावा है कि देश अब मुश्किल आर्थिक स्थिति से बाहर आ गया है. इतना ही नहीं वे पाकिस्तानी युवाओं को कश्मीर पर भड़का भी रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने युवाओं को एक अजीबोगरीब सलाह भी दे डाली है.
दरअसल, इमरान खान ने कहा है कि दुनियाभर में कश्मीर के मुद्दे को फैलाने के साथ-साथ इस्लाम और पाकिस्तान की सकारात्मक छवि को पेश करने के लिए युवाओं को डिजिटल मीडिया का उपयोग करने की आवश्यकता है. यह बात इमरान ने डिजिटल मीडिया और युवाओं की एक बैठक में कही.
आईएनएस ने पाकिस्तानी समाचार एजेंसी डॉन के हवाले से बताया है कि ने शनिवार को हुई एक बैठक में इमरान खान ने कहा कि दुनिया भर में भारत के अधिकार क्षेत्र वाले कश्मीर की आवाज को फैलाने के साथ-साथ हमें डिजिटल मीडिया टूल्स का उपयोग करके पाकिस्तान और इस्लाम की सकारात्मक छवि पेश करनी चाहिए.
इमरान खान ने इस दौरान पाकिस्तान सरकार द्वारा गरीबों के लिए चलाए गए कार्यक्रम व आश्रय घरों, आसान ऋण व कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों सहित युवाओं के लिए किए गए कार्यों का भी बखान किया.
युवाओं से बात करते हुए इमरान खान ने दावा किया कि देश कम राजकोषीय घाटे और निवेशकों के विश्वास के पुनरुद्धार के चलते सबसे कठिन आर्थिक स्थिति से बाहर आ गया है. बैठक में इमरान के विशेष सहायक डॉ. जुल्फिकार बुखारी और डिजिटल मीडिया पर प्रधानमंत्री के फोकल पर्सन अरसलान खालिद भी इस बैठक में शामिल हुए.
इधर इमरान ऐसे दावे कर रहे हैं जबकि इसके उलट सच्चाई कुछ और है. पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई ने वहां के लोगों का जीना दूभर कर दिया है. आर्थिक हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि रोजमर्रा के खाने में इस्तेमाल होना वाला आटा भी 70 रुपये किलो बिक रहा है.
लाहौर, कराची और दूसरे शहरों में गेहूं के एक किलोग्राम आटे की कीमत में 6 रुपये का उछाल आया है. लोगों को अब एक किलो आटे के लिए 70 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक पीटीआई सरकार के कार्यकाल के दौरान आटे की कीमत में अब तक 20 रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है.
(All Photos: Insta-imrankhan.pti)