दिल्ली के पुराना किले में पुरातत्व विभाग ने एक बार फिर खुदाई शुरू है. इस खुदाई का उद्देश्य महाभारत कालीन अवशेषों का पता लगाना है. ऐसी मान्यता है कि महाभारत काल में यह जगह पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ हुआ करती थी. हालांकि, अब तक इससे जुड़े अवशेष खोजे जा रहे हैं.
पुरातत्व विभाग के अनुसार पुराना किले के अंदर महाभारतकालीन अवशेष पहले मिल चुके हैं, लेकिन सही तरीके से खुदाई ना होने के कारण अब भी कई रहस्य इसमें दबे हुए हैं.
ऐसी मान्यता है कि सबसे पहले इंद्रप्रस्थ को पांडवों ने बसाया था. लेकिन इससे जुड़े ठोस प्रमाण अब तक नहीं मिले हैं. कुछ समय पहले मिट्टी के काले बर्तन यहां मिले थे, जिनके बारे में कहा गया था कि ये महाभारत कालीन हैं. कई धर्मग्रंथों में भी इंद्रप्रस्थ का जिक्र मिल चुका है.
वहीं, इस किले में मौर्य काल और मुग़ल काल के कई अवशेष मिल चुके हैं. पिछले साल खुदाई के दौरान यहां मुगलकालीन टैराकोटा और कुछ ऑर्नामेंट्स (जूलरी) मिल चुकी है.
इस किले की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसका पक्का निर्माण शेर शाह सूरी ने अपने शासन काल में करवाया था. यही नहीं, इसके अंदर उस वक्त की एक मस्जिद भी है, जिसमें दो तलीय अष्टभुजी स्तंभ है.