भारत चीन सीमा पर भले ही मजबूत पुल न बना हो, लेकिन उत्तराखंड में देहरादून सचिवालय की मुख्य बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में जाने के लिए एक VIP पुल का निर्माण जरूर कर लिया गया है.
सबसे बड़ी बात सिर्फ 28 कदम की दूरी से बचने के लिए सरकारी बिल्डिंग को तोड़कर बीचों बीच एक ब्रिज खड़ा कर दिया गया है.
यहां गौर करने वाली बात ये है कि एक पुल को जो कि सचिवालय में सिर्फ आराम तलबी के लिये बनाया गया वो सिर्फ 5 दिन में तैयार कर दिया गया. वहीं, दूसरा पुल वो जिसको टूटे हुए 6 साल बीत गए और खानापूर्ति के लिए वैली ब्रिज बना दिया गया वो आज भी इंतज़ार कर रहा है अपने सही स्वरूप में आने के लिए.
बता दें कि बीते कुछ वर्षों में उत्तराखंड में कई पुल गिर चुके हैं. हाल ही में गंगोरी के पास पुल टूटने की वजह से गंगोत्री धाम और इंडो चीन बॉर्डर से जो संपर्क टूट गया. फिलहाल यहां वैकल्पिक तौर पर दूसरे पुल से ट्रैफिक बहाल कर दिया गया है.
इसके पहले 3 अगस्त 2012 में आई जबरदस्त आपदा में ये पुल कागज़ की नाव की तरह बह गया था. जिसके बाद तमाम घोषणाओं के बाद भी इतना महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग का पुल पक्के तरीके से नहीं बन पाया.