ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी छिपकली की प्रजाति की खोज की है जो अपने आपमें गजब है. इस प्रजाति की छिपकली एक साथ अंडे देने और बच्चों को जन्म देने में सक्षम है. ये एक ऐसा मामला है जो पहले कभी नहीं देखा गया.(Photo-getty)
यह खोज सिडनी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की है. इन वैज्ञानिकों ने कई साल तीन-पैर की छिपकली का अध्ययन करते हुए बिताए हैं. इस अनोखी छिपकली को औपचारिक रूप से साइफोस इक्वॉलिस के रूप में जाना जाता है. सांप जैसी दिखने वाली छिपकली के चार पैर भी होते हैं. (Photo-Reuters)
वैज्ञानिक इसको लेकर लंबे समय से अध्यन कर रहे थे. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह छिपकली 'बिमोडल प्रजनन' में सक्षम है, जिसका अर्थ है कि वो अंडे भी दे सकती है और बच्चे भी पैदा कर सकती है. अभी तक इसको लेकर ये धारणा थी कि ये एक बार में किसी एक ही प्रजनन विधि को अपनाती है. (Photo-you tube video)
वाइस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं का मानना है कि ये जीव एक ही समय में दोनों तरीकों से प्रजनन करने में सक्षम है. सालों पहले ये माना जाता था कि 150 जीव ऐसे हैं जो पहले वे अंडे देते थे लेकिन वे अब बच्चे पैदा करते हैं. (Photo-you tube video)
सिडनी विश्वविद्यालय के कैमिला व्हिटिंगटन नेबताया कि हमें पता नहीं है कि कौन सी 'दिशा' (direction evolution) विकसित हो रही है. कुछ वातावरणों में, अंडे देना, जीवित रहने के लिए बच्चे देने की तुलना में अधिक फायदेमंद हो सकता है. उस स्थिति में, हम अंदाजा लगाते हैं कि अंडा देना जारी रहेगा. (Photo-you tube video)
पिछले शोधों से पता चला है कि तीन-पैर वाला ये जीव विभिन्न जलवायु में बच्चे देने के अलग-अलग विधियों पर भरोसा करते हैं. उदाहरण के लिए, सिडनी जैसे गर्म क्षेत्रों में, तीन-पंजे वाले स्किंक आमतौर पर अंडे देते हैं. वहीं, न्यू साउथ वेल्स की तरह ठंडे क्षेत्रों में वे अक्सर बच्चों को जन्म देते हैं. (Photo-you tube video)
इस बदलाव में सक्षम अवस्था को कोल्ड-क्लाइमेट परिकल्पना (cold-climate hypothesis) कहा जाता है. इसमें जीव ये अंदाजा लगाते हैं कि ठंडे जलवायु में लाइव-बेयरिंग (live-bearing) फायदेमंद होगी या गर्म इलाकों में अंडे देना. (Photo-you tube video)
हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है, 'इन छिपकलियों के जीव विज्ञान के बारे में बहुत कुछ है जो अभी भी एक रहस्य है जिसे हम अभी तक निश्चित रूप से नहीं कह सकते हैं. यही कारण है कि हम इस प्रजाति पर काम करना जारी रखे हुए हैं.' (Photo-you tube video)