टूरिस्ट नहीं, 'लोकल' बनिए! सिंगापुर ने Gen Z के लिए बदला पूरा गेम

अब विदेश घूमना सिर्फ सेल्फी तक नहीं, बल्कि एक्सपीरियंस तक पहुंच गया है. इसी को देखते हुए सिंगापुर ने युवाओं को लुभाने के लिए अपना मास्टर प्लान तैयार किया है.

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अब सिंगापुर में होगा असली एडवेंचर और कल्चरल एक्सपीरियंस (Photo: Pexels) अब सिंगापुर में होगा असली एडवेंचर और कल्चरल एक्सपीरियंस (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

आजकल के युवाओं के लिए घूमना मतलब सिर्फ किसी मशहूर जगह पर जाकर सेल्फी खिंचवाना नहीं रह गया है. अब लोग ऐसी जगहें ढूंढते हैं, जहां कुछ हटकर करने को मिले, बढ़िया खाना हो और माहौल एकदम बिंदास हो. अगर आप भी इसी कैटेगरी में आते हैं और 2026 में विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सिंगापुर आपके लिए सबसे बेस्ट जगह साबित हो सकती है. यही वजह है कि सिंगापुर ने अब खास तौर पर 25 से 39 साल के युवाओं को ध्यान में रखकर अपनी टूरिज्म रणनीति बदली है.

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दरअसल, सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड ने हाल ही में एक नया ग्लोबल कैंपेन शुरू किया है, जिसका नाम है 'We Don’t Wait for Fun' यानी हम मस्ती के लिए इंतजार नहीं करते. इस कैंपेन का फोकस उन लोगों पर है जो अपने करियर या बिजनेस के शुरुआती दौर में हैं और ट्रैवल को सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि एक एक्सपीरियंस की तरह देखते हैं. सिंगापुर का मानना है कि आज का युवा पारंपरिक टूरिस्ट प्लेसेज़ से आगे बढ़कर ऐसी जगहें चाहता है, जहां लोकल कल्चर, सस्टेनेबल ट्रैवल और असली अनुभव मिल सकें.

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भारत समेत 9 बड़े देशों पर नजर

इस कैंपेन के लिए सिंगापुर ने भारत समेत 9 प्रमुख देशों को चुना है. इनमें चीन, भारत, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, वियतनाम, मलेशिया, जापान और फिलीपींस जैसे देश शामिल हैं, जहां से बड़ी संख्या में युवा पर्यटक सिंगापुर आते हैं. सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, यहां आने वाले इंटरनेशनल टूरिस्ट्स में 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सा इसी उम्र वर्ग का है. यही वजह है कि अब कोशिश यह है कि लोग सिर्फ एक बार आकर लौट न जाएं, बल्कि सिंगापुर से उनका रिश्ता लंबा बने.

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सोशल मीडिया और पॉप कल्चर का पूरा इस्तेमाल

आज ट्रिप प्लान करने से पहले ज्यादातर लोग इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक पर वीडियो देखते हैं. इसी ट्रेंड को समझते हुए सिंगापुर ने डिजिटल क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के साथ मिलकर काम शुरू किया है. इसके साथ ही इंटरनेशनल म्यूजिक और पॉप कल्चर इवेंट्स को भी टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है. बड़े ग्लोबल इवेंट्स के दौरान चलाए गए ये कैंपेन युवाओं को सिंगापुर से जोड़ने और उसे एक कूल डेस्टिनेशन के तौर पर पेश करने की कोशिश हैं.

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मॉडर्न सिटी के बीच बसी पुरानी विरासत

सिंगापुर की खास बात यह है कि यहां एक तरफ ऊंची-ऊंची इमारतें और मॉडर्न लाइफस्टाइल है, तो दूसरी तरफ पुरानी संस्कृति और परंपराएं भी आज तक जिंदा हैं. गार्डन्स बाय द बे जैसे मॉडर्न स्पॉट्स के साथ-साथ अब लोकल इलाकों की सैर, स्ट्रीट फूड और कल्चरल एक्सपीरियंस को भी प्रमोट किया जा रहा है. युवा यात्री अब सिर्फ लग्जरी होटल में रुकना नहीं चाहते, वे शहर की असली पहचान को महसूस करना चाहते हैं और सिंगापुर इसी अनुभव पर जोर दे रहा है.

सिंगापुर जानता है कि युवा पर्यटक न सिर्फ ज्यादा ट्रैवल करते हैं, बल्कि अच्छा अनुभव मिलने पर दोबारा लौटते भी हैं. इससे टूरिज्म सेक्टर को लंबे समय तक फायदा मिलता है. यही वजह है कि 2026 को ध्यान में रखकर सिंगापुर अभी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, ताकि आने वाले सालों में वह युवाओं की पहली पसंद बना रहे.
 

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