गियर न्यूट्रल फिर भी दौड़ने लगती है कार, क्या है लद्दाख की मैग्नेटिक हिल का रहस्य

लेह-लद्दाख की वादियों में एक ऐसी सड़क है, जहां कार न्यूट्रल में भी खुद चलने लगती है. देखने में लगता है जैसे गुरुत्वाकर्षण के नियम यहां फेल हो गए हों. जहां हर साल हजारों सैलानी इस अजीब अनुभव को अपनी आंखों से देखने पहुंचते हैं.

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14 हजार फीट की ऊंचाई पर कुदरत का करिश्मा (Photo: Pexels) 14 हजार फीट की ऊंचाई पर कुदरत का करिश्मा (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:05 AM IST

लेह-लद्दाख की बर्फीली वादियों में कुदरत के कई करिश्मे देखने को मिलते हैं, लेकिन वहां एक ऐसी जगह भी है जो विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण के नियमों को चुनौती देती नजर आती है. लेह-कारगिल राजमार्ग पर स्थित 'मैग्नेटिक हिल' एक ऐसी रहस्यमयी सड़क है, जहां अगर आप अपनी गाड़ी का इंजन बंद कर दें और उसे न्यूट्रल गियर में डाल दें, तो वह खुद-ब-खुद ऊपर की ओर दौड़ने लगती है.

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सुनने में यह किसी जादू जैसा लगता है, लेकिन हजारों सैलानी हर साल इस अजूबे को अपनी आंखों से देखने यहां पहुंचते हैं. आखिर क्या है इस जादुई खिंचाव के पीछे का सच? 

मैग्नेटिक हिल पर पर्यटकों को एक बेहद अनोखा अनुभव मिलता है. सड़क पर प्रशासन की ओर से एक सफेद बॉक्स बनाया गया है. जैसे ही आप अपनी कार को इस बॉक्स के अंदर खड़ा करके न्यूट्रल में छोड़ते हैं, गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगती है. इतना ही नहीं, गाड़ी बिना किसी सहारे के लगभग 10 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है. ऐसा महसूस होता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति गाड़ी को पहाड़ की ओर खींच रही हो.

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14 हजार फीट की ऊंचाई पर कुदरत का करिश्मा

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यह जगह लेह शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर, सिंधु नदी के पास करीब 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां के पहाड़ों की बनावट और भौगोलिक स्थिति इतनी अनोखी है कि पहली बार देखने पर किसी को भी अपनी आंखों पर यकीन नहीं होता. यही नहीं, यहां से गुजरने वाले पायलटों का भी मानना है कि इस क्षेत्र के ऊपर से विमान उड़ाते समय उन्हें खास सावधानी बरतनी पड़ती है ताकि चुंबकीय प्रभाव से बचा जा सके.

जादू या विज्ञान? क्या है 'ग्रेविटी हिल' का सच

इस पहाड़ी को लेकर सालों से कई तरह के दावे किए जाते रहे हैं. कुछ लोग इसे चुंबकीय शक्ति मानते हैं, तो कुछ इसे अलौकिक शक्तियों से जोड़ते हैं. लेकिन वैज्ञानिकों का तर्क कुछ अलग है. विज्ञान की भाषा में इसे 'ऑप्टिकल इल्यूजन' यानी दृष्टि भ्रम कहा जाता है. इसके अलावा, वैज्ञानिक बताते हैं कि सड़क असल में नीचे की तरफ जा रही होती है, लेकिन आसपास की पहाड़ियों की ढलान ऐसी है कि आंखों को सड़क ऊपर की ओर जाती हुई दिखाई देती है. इसे 'ग्रेविटी हिल' भी कहा जाता है.

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सैलानियों के लिए अचरज भरा अनुभव

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मैग्नेटिक हिल के आसपास सिर्फ विज्ञान का चमत्कार ही नहीं, बल्कि आस्था के केंद्र भी हैं. इस पहाड़ी के बिल्कुल पास ऐतिहासिक गुरुद्वारा पत्थर साहिब स्थित है, जहां हर धर्म के लोग मत्था टेकने आते हैं. यही नहीं, थोड़ी ही दूरी पर सिंधु और जांस्कर नदियों का संगम भी है. यहां दो अलग-अलग रंगों की नदियों का मिलन देखना किसी जादुई दृश्य से कम नहीं है, जो पर्यटकों के सफर को यादगार बना देता है. लद्दाख की यात्रा पर जाने वाले हर यात्री के लिए मैग्नेटिक हिल एक मस्ट विजिट पॉइंट है. यही वजह है कि गुरुत्वाकर्षण के नियमों को फेल होता देखने का यह अनुभव लोगों को हैरत में डाल देता है. 

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