जापान में इंडियन टूरिस्ट को ड्रेस को लेकर 'मोलभाव' करना पड़ा महंगा, पहुंच गई पुलिस!

जापान की ट्रिप पर गई मुंबई की कंटेंट क्रिएटर आशिका जैन और उनके परिवार को एक छोटी सी चूक के कारण पुलिस का सामना करना पड़ा. किराए पर ली गई ट्रेडिशनल ड्रेस 'किमोनो' लौटाने में महज 37 मिनट की देरी होने पर दुकानदार ने पुलिस बुला ली. यह घटना हमें विदेश में नियमों और समय की पाबंदी के महत्व को समझाती है.

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जापान में नियमों को लेकर पुलिस काफी सख्त है. (PHOTO:ITG) जापान में नियमों को लेकर पुलिस काफी सख्त है. (PHOTO:ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

भारत से लोग विदेश घूमने जाते हैं, इस सैर-सपाटे से उनके नए-नए एक्सपीरियंस होते हैं. मगर हाल ही में एक इंडियन फैमिली के साथ जापान ट्रिप में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा चल रही है. भारतीय परिवार को विदेश में मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा, क्योंकि उन्होंने किराए पर ली जापान की ट्रेडिशनल ड्रेस किमोनो को समय पर वापस नहीं लौटाया. उनके साथ जो हुआ उसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे मुंबई की कंटेंट क्रिएटर आशिका जैन ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है और अपना एक्सपीरिंयस भी लोगों के साथ साझा किया कि कैसे एक छोटी सी देरी ने बड़ा मुद्दा बना दिया.

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भारत में अगर आप कोई ड्रेस रेंट पर लेते हैं तो उसको कई बार लोग तय समय के बाद हफ्ते भर बाद तक लौटाते हैं. इंडिया में यह काफी ज्यादा आम बात है. उसी तरह जापान में भी टूरिस्ट अक्सर वहां की ट्रेडिशनल ड्रेस किमोनो रेंट पर लेकर पहनते हैं. जहां कुछ घंटों के लिए कपड़े दिए जाते हैं और समय पर लौटाना जरूरी होता है. 

आशिका की फैमिली ने भी किमोनो रेंट पर लिया था और उन्होंने किमोनो की वैरायटी और स्टाफ के बिहेवियर की भी तारीफ की थी. उस ड्रेस को पहनकर उनकी फैमिली ने काफी सारी जगहों पर फोटोज भी क्लिक करवाई. पहले सबकुछ ठीक रहा, लेकिन उनकी दिक्कत तब शुरू हुई जब शाम के 5 बजे तक किमोनो वापस नहीं कर पाए. 

ड्रेस ना लौटाने पर अरेस्ट करने आई पुलिस

आशिका ने वीडियो में आगे बताया कि वो लोग सिर्फ 37 मिनट लेट हो गए थे और जापानी शॉप की पॉलिसी के मुताबिक, हर 30 मिनट की देरी पर 1,100 येन यानी करीब 646 रुपये प्रति व्यक्ति जुर्माना लगता है. इस तरह पांच लोगों के लिए यह जुर्माना बढ़कर 2,200 येन यानी 1,289.30 रूपये प्रति व्यक्ति हो गया था.

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ऐसे में आशिका ने वहां के स्टाफ से बातचीत कर सिर्फ पहले 30 मिनट का चार्ज लेने की रिक्वेस्ट की, लेकिन भाषा की समस्या के कारण स्टाफ को लगा कि वो पैसे देने से मना कर रही हैं. इसके बाद दुकानवालों ने पुलिस को बुला लिया. 

आशिका के अनुसार,पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों ही पक्षों की आराम से बात सुनी, दोनों ही साइड की आराम से बातें सुनीं. इस दौरान माहौल एकदम शांत ही रहा , मगर हमें किसी तरह का कोई डिस्काउंट नहीं दिया. जापान में नियम काफी सख्त हैं और सिर्फ 37 मिनट की देरी के लिए भी वहां पुलिस एक्शन ले सकती है. 

परिवार ने पूरा जुर्माना भरा

आशिका के इस वीडियो के सामने आते ही इस घटना पर सोशल मीडिया पर लोग रिएक्शन दे रहे हैं. कुछ लोगों ने भाषा की दिक्कत को जिम्मेदार बताया, जबकि कई यूजर्स ने परिवार की आलोचना करते हुए कहा कि नियमों का पालन करना जरूरी है और देर होने पर बिना बहस के जुर्माना भर देना चाहिए.

यह घटना एक बार फिर इस बात को साबित करती है कि विदेश यात्रा के दौरान सिर्फ घूमना-फिरना ही नहीं, बल्कि वहां के नियमों, संस्कृति और समय की पाबंदी को समझना और उसका सम्मान करना भी बेहद जरूरी होता है. हर देश के अपने अलग नियम और अनुशासन होते हैं, जिसे नजरअंदाज करना कई बार छोटी सी बात को भी बड़ी परेशानी में बदल सकता है. खासतौर पर जापान जैसे देशों में समय की कीमत और नियमों का पालन बहुत सख्ती से किया जाता है, जहां कुछ मिनटों की देरी भी गंभीर मानी जा सकती है. ऐसे में किसी भी देश की यात्रा करने से पहले वहां की सभी शर्तों और नियमों को ठीक से समझ लेना चाहिए. भाषा की दिक्कत होने पर ट्रांसलेशन ऐप्स या लोकल गाइड की मदद लें और किसी भी स्थिति में संयम बनाए रखें.
 

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