अक्सर लोग ट्रैफिक की झंझट से बचने और समय बचाने के लिए रात के सफर को चुनते हैं. खाली सड़कें और ठंडी हवा का अहसास यात्रा को सुविधाजनक तो बना देता है, लेकिन क्या रात में तय किया गया यह रास्ता पूरी तरह सुरक्षित है? देखा जाए तो कम दृश्यता, थकान और सुरक्षा संबंधी जोखिमों के कारण रात का सफर चुनौतीपूर्ण हो सकता है. इतना ही नहीं, आपकी एक छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. अगर आप भी रात में सफर की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा से जुड़ी इन अहम बातों को नजरअंइदाज करना जोखिम भरा हो सकता है.
सफर से पहले गाड़ी और खुद की तैयारी
रात में सुरक्षित यात्रा की पहली शर्त आपकी गाड़ी हर तरह से फिट होनी चाहिए. निकलने से पहले हेडलाइट्स, ब्रेक और टायरों की अच्छी तरह जांच कर लें, क्योंकि रात के अंधेरे में गाड़ी खराब होने पर मदद मिलना काफी मुश्किल हो जाता है. यही नहीं, केवल गाड़ी ही नहीं बल्कि ड्राइवर का मानसिक और शारीरिक रूप से फिट होना भी जरूरी है. थकान के कारण होने वाली झपकी बड़ी दुर्घटनाओं का सबब बनती है, इसलिए पर्याप्त आराम करने के बाद ही स्टीयरिंग संभालें. अगर आपको जरा भी थकान महसूस हो रही है, तो यात्रा को सुबह के लिए टाल देना ही समझदारी है.
यह भी पढ़ें: 37 साल बाद दिल्ली की सड़कों पर फिर दौड़ेंगी डबल डेकर बसें, जानें रूट और किराया
रास्ते का चुनाव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सफर के दौरान हमेशा व्यस्त और अच्छी रोशनी वाले प्रमुख राजमार्गों का ही उपयोग करें. गूगल मैप्स पर समय बचाने के चक्कर में अनजान शॉर्टकट लेना जोखिम भरा हो सकता है. इसके अलावा, अपनी सुरक्षा के लिए अपनी यात्रा की पूरी जानकारी और 'लाइव लोकेशन' अपने परिवार या दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें. अगर लंबी दूरी तय करनी है, तो कार के मुकाबले ट्रेन का सफर एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जाता है. खासकर महिलाओं को रात में अकेले सफर करने से बचना चाहिए और हमेशा सतर्क रहना चाहिए.
यह भी पढ़ें: नॉर्थ कोरिया से भूटान तक, इन 5 देशों में घूमने का है प्लान, तो जान लें ये सख्त नियम
रात के अंधेरे में छिपे बड़े जोखिम
रात का सफर अपने साथ कुछ ऐसे खतरे लाता है जो दिन में नजर नहीं आते. अंधेरे और कोहरे के कारण सामने से आने वाले वाहन या अचानक सड़क पर आने वाले वन्यजीव दुर्घटना का कारण बन सकते हैं. इतना ही नहीं, रात के समय सड़कों पर शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की संख्या भी बढ़ जाती है, जिनसे आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. सुनसान रास्तों पर आपराधिक घटनाओं का खतरा भी बना रहता है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रात में गाड़ी चलाना चुनौतीपूर्ण लग रहा हो, तो जान जोखिम में डालने से बेहतर है कि सुबह की रोशनी में सफर की शुरुआत की जाए.
aajtak.in