80 के दशक का हनीमून डेस्टिनेशन, वेलेंटाइन डे के लिए आज भी है खास

आज के दौर में जहां प्यार सोशल मीडिया के दिखावे और महंगे सरप्राइज तक सिमट गया है, क्या आपने कभी सोचा है कि पुराने जमाने में रोमांस कैसा होता था? इस वेलेंटाइन डे, हम आपको देश के उन जादुई ठिकानों के बारे में बताएंगे, जहां आज भी रोमांस का वही पुराना जादू बरकरार है.

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इन जगहों की सादगी जीत लेगी पार्टनर का दिल (Photo: Pixabay) इन जगहों की सादगी जीत लेगी पार्टनर का दिल (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:13 PM IST

आजकल प्यार का इजहार करने के लिए भले ही बड़े-बड़े सरप्राइज और सोशल मीडिया पर स्टेटस डालने की होड़ लगी हो, लेकिन एक जमाना वो भी था जब रोमांस सिर्फ नजरों की खामोशी और हाथ में चाय के प्याले तक सिमटा था.

70, 80 और 90 के दशक की वो सादगी, जब वेलेंटाइन डे का मतलब कोई भव्य आयोजन नहीं, बल्कि बस एक ट्रेन पकड़कर पहाड़ों की ओट में कहीं खो जाना होता था. उस दौर में प्यार दिखावे का मोहताज नहीं था, बल्कि छोटी-छोटी बातों और साथ बिताए लम्हों में बसा होता था. चलिए, इस वेलेंटाइन आपको फिर से उसी पुराने जमाने के 'क्लासिक रोमांस' की गलियों में ले चलते हैं, जहां की हवाओं में आज भी वही पुराना इश्क घुला है.

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जम्मू- कश्मीर: जहां जन्नत खुद गवाही देती है

पीढ़ियों से भारतीय जोड़ों के लिए अगर कोई जगह प्यार का गवाह रही है, तो वो है कश्मीर. बॉलीवुड की फिल्मों ने डल झील और यहां के बागों को हमारे सपनों में कुछ इस तरह बुना कि कश्मीर 'हनीमून कैपिटल' बन गया. आज भी जब आप अपने पार्टनर के साथ शिकारा में बैठकर चप्पू के चलने की आवाज़ सुनते हैं, तो वक़्त जैसे ठहर जाता है. हाउसबोट की लकड़ी की महक, गुलमर्ग की बर्फ की सफेद चादर और हाथों में थामा गरमा-गरम कहवा का एक घूंट मिलकर कश्मीर को आज भी पुराने वादों और सच्ची वफाओं की यादों से भर देता है.

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शिमला: मॉल रोड पर लिखी प्रेम कहानियां

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शिमला का रोमांस ब्रिटिश काल की उन पुरानी इमारतों और चीड़ के पेड़ों के बीच आज भी जिंदा है. वो कालका-शिमला टॉय ट्रेन की सुस्त रफ्तार, जहां खिड़की से आती ठंडी हवा चेहरे को छूती है, वो किसी हसीन सपने जैसा लगता है. मॉल रोड पर हाथ थामकर सैर करना, क्राइस्ट चर्च के सामने साथ में तस्वीर खिंचवाना और डूबते सूरज को देखते हुए चाय की चुस्कियां लेना, शिमला ने न जाने कितनी प्रेम कहानियों को यूं ही अपनी गोद में संजोया है. आज भी भीड़भाड़ के बीच जब हल्का सा कोहरा पुरानी गलियों पर उतरता है, तो यह शहर आपको उसी पुराने, सादगी भरे दौर में वापस ले जाता है.

नैनीताल: झील के पानी में दिखता अक्स

अगर आप झील के किनारे बैठकर घंटों अपने साथी से बातें करना चाहते हैं, तो नैनीताल की सादगी आपको मोह लेगी. पुराने जमाने में यहां की नैनी झील के शांत पानी में नौका विहार करना ही सबसे बड़ा रोमांटिक पल माना जाता था. आज भी धुंध भरी सुबह में जब आप अपने साथी के साथ किसी पुराने कैफे में बैठते हैं और स्थानीय पहाड़ी जायके का आनंद लेते हैं, तो लगता है कि प्यार को किसी महंगे तोहफे की जरूरत ही नहीं है. अगर और सुकून चाहिए, तो भीमताल की खामोशी आज भी पुराने प्रेमियों के इंतजार में पलकें बिछाए बैठी है.

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गोवा: बेफिक्री और बेमिसाल यादें

90 के दशक में गोवा वो जगह बनी जहां रोमांस में थोड़ी आजादी और मस्ती घुली. वो दौर जब स्कूटी पर बैठकर अंजुना और बागा की गलियों में घूमना ही सबसे बड़ी एडवेंचर वाली ट्रिप होती थी. वेलेंटाइन डे पर गोवा सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि पुर्तगाली विरासत वाले पुराने चर्च और रंगीन घरों के बीच एक सांस्कृतिक यात्रा भी है. ढलते सूरज के साथ समंदर की लहरों का शोर आज भी प्रेमी जोड़ों के दिल की धड़कनों से मेल खाता है.

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उदयपुर: महलों की छांव और शाही इंतजार

उदयपुर यानी झीलों का शहर, जहां का हर पत्थर कोई न कोई शाही दास्तां सुनाता है. पहले यहां प्यार का मतलब था पिछोला झील के किनारे बैठकर शहर की रोशनी को पानी में टिमटिमाते देखना. आज भी सिटी पैलेस के नजारों के बीच जब कैंडललाइट डिनर सजता है, तो लगता है जैसे वक्त की सुइयां पीछे मुड़ गई हैं. संकरी गलियां, लोक संगीत की मीठी तान और इतिहास की वो गूंज उदयपुर को आज भी 'ओल्ड स्कूल लवर्स' की पहली पसंद बनाए हुए है.

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