साइबर ठगी का एक नया केस सामने आया है, जिसमें बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) से रिटायर्ड अधिकारी को लाखों रुपये की ठगी का सामना करना पड़ा. दरअसल, साइबर ठगों ने इस बार दिल्ली ब्लास्ट का नाम यूज किया और आखिर में 16.50 लाख रुपये उड़ा लिए हैं. साइबर ठगों का ये खतरनाक पैंतरा किसी को भी फंसा सकता है.
साइबर क्रिमिनल्स ने खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताया. इसके बाद मुंबई में रहने वाले 75 साल के एक शख्स को कॉल किया. विक्टिम को बताया गया है कि दिल्ली ब्लास्ट आरोपियों में आपका नाम शामिल है, जो हाल ही में हुआ है.
सोमवार को विक्टिम ने पुलिस को जानकारी दी
सोमवार को मुंबई के अंधेरी में रहने वाले शख्स ने पुलिस स्टेशन जाकर इस केस की जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि विक्टिम को 11 दिसंबर को अनजान नंबर से कॉल रिसीव हुई.
विक्टिम को डराया और फिर धमकाया
कॉल करने वाले ने बताया है कि वह दिल्ली एंटी टेररिस्ट स्क्वाड से है. इसके बाद कॉलर ने विक्टिम को धमकाना शुरू किया. आरोपी ने विक्टिम को बताया कि उनका नाम दिल्ली ब्लास्ट के आरोपियों की लिस्ट में है.
किसी को ना बताने की सलाह दी
इसके बाद विक्टिम को बताया है कि उनको जांच में सहयोग करना होगा, जो सीक्रटली तरीके से होगा. इसके बाद साइबर ठगी का केस आगे बढ़ा.
विक्टिम के फोन में इंस्टॉल कराया ऐप
विक्टिम को बताया गया है कि उनको एक मोबाइल ऐप्लीकेशन इंस्टॉल करने को कहा. जहां विक्टिम को एक वीडियो कॉल रिसीव हुई. वीडियो कॉल में एक शख्स सामने था, जिसने को NIA ऑफिसर बताया.
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विक्टिम पर लगाए गए फर्जी आरोप
कॉलर ने विक्टिम को बताया कि एक बैंक अकाउंट का लिंक उनके मोबाइल नंबर है. उस बैंक अकाउंट में मनी लाउंड्रिंग के जरिए 7 करोड़ रिसीव हुए हैं. इसमें आरोपी को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई, जिसके बाद विक्टिम बुरी तरह से घबरा गए.
सेंसटिव मामला बताया
साइबर क्रिमिनल ने विक्टिम से कहा कि यह नेशनल सिक्योरिटी का मामला है. इसमें विक्टिम से कहा कि वह किसी को भी इसके बारे में ना बताए.
इनवेस्टमेंट और बैंक में कितनी रकम है, उसके बारे में पूछा
साइबर स्कैमर्स ने विक्टिम को बताया है कि एजेंसी जानना चाहती है कि आपके बैंक खाते में कितनी रमक मौजूद है और अन्य इनवेस्टमेंट लीगल हैं या नहीं.
इसके बाद विक्टिम को सभी रकम कुछ बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा. ये रकम वेरिफिकेशन्स के नाम पर अन्य बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा. साथ ही कहा कि निर्दोष पाए जाने पर सभी रकम रकम वापस होगी.
रुपये ट्रांसफर के बाद नंबर किया ब्लॉक
इसके बाद विक्टिम ने अलग-अलग बैंक अकाउंट में 16.50 लाख रुपये जमा कर दिया. फिर कॉलर ने विक्टिम का नंबर ब्लॉक कर दिया. विक्टिम को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है और उन्होंने पुलिस को जानकारी दी और कंप्लेंट दर्ज कराई.
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