Apple ने भले ही अब तक फोल्डेबल फोन लॉन्च ना किया हो, लेकिन रिपोर्ट्स की भरमार लगी हुई है. ऐपल फैंस से बात करेंगे तो आपको पता चलेगा कि ऐपल जब भी फोल्डेबल लाएगा उसमें सैमसंग या दूसरे फोल्ड फोन की तरह क्रीज नहीं होगी. लेकिन क्या ऐसा मुमकिन है? अगर हां.. तो सैमसंग इतने सालों में ऐसा क्यों नहीं कर पाया?
गौरतलब है कि फोल्डेबल स्पेस में सैमसंग काफी सालों से मार्केट लीडर रहा है और मौजूदा Fold 7 दुनिया का सबसे पतला फोल्डेबल फोन माना जाता है. लेकिन लोगों की ये शिकायत रहती है कि कंपनी ने क्रीज को लेकर कुछ नहीं किया और अब भी क्रीज विजिबल है. हाल ही में हमने Galaxy TriFold ट्राई किया उसमें भी क्रीज देखने को मिलती है. सवाल ये है कि क्या Galaxy Z Fold 8 के साथ क्रीज खत्म होने वाली है?
फोल्डेबल फोन को लेकर एक बात हर यूज़र मानता है, बड़ी स्क्रीन अच्छी लगती है, लेकिन क्रीज मजा खराब कर देती है. सैमसंग की Z Fold सीरीज़ ने फोल्डेबल कैटेगरी को मेनस्ट्रीम तक पहुंचाया, लेकिन यह क्रीज़ अब तक इस टेक की सबसे बड़ी लिमिट बनी रही. अब 2026 में सैमसंग उसी लिमिट को तोड़ने की तैयारी में है. CES 2026 में इसकी एक झलक मिली.
CES में सैमसंग डिस्प्ले ने एक नई फोल्डेबल OLED स्क्रीन शोकेस की, जिसे इंडस्ट्री में क्रीज़-लेस पैनल कहा जा रहा है. इस डेमो में जब स्क्रीन को पूरी तरह खोला गया, तो बीच की लकीर लगभग नज़र नहीं आ रही थी. यही वही टेक है, जिस पर Galaxy Z Fold 8 होने की चर्चा है.
अब सवाल है... क्रीज अचानक गायब कैसे हो रही है?
पुराने फोल्डेबल डिस्प्ले में स्क्रीन के नीचे प्लास्टिक बेस्ड लेयर होती थी. जब फोन फोल्ड होता था, तो सारा दबाव एक पतली लाइन पर जमा होता था. यही वजह थी कि फोल्ड के बीच में हमेशा क्रीज़ दिखती थी.
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नए फोल्डेबल डिस्प्ले टेक में सैमसंग ने इसके नीचे मेटल सपोर्ट प्लेट और नया मल्टी-लेयर स्ट्रक्चर जोड़ी है. इसका फायदा यह है कि फोल्ड करते वक्त दबाव एक ही लाइन पर नहीं पड़ता, बल्कि पूरी लेयर में फैल जाता है. नतीजा? स्क्रीन खुलने पर फ्लैट दिखती है, और क्रीज़ बहुत कम या लगभग गायब लगती है. हालांकि 100% क्रीजलेस इसे भी नहीं कह सकते, लेकिन अगर ऐसा भी कंपनी अपने मेनस्ट्रीम फोल्ड में करती है तो ये बहुत बड़ी बात होगी.
इस टेक में सैमसंग ने स्क्रीन के ऊपर इस्तेमाल होने वाला ऑप्टिकल क्लियर एडहेसिव भी बदला गया है, जिससे लाइट रिफ्लेक्शन क्रीज़ पर कम पड़ता है. यही वजह है कि नॉर्मल रोशनी में क्रीज दिखना लगभग बंद हो जाता है. यह सिर्फ डिजाइन ट्रिक नहीं, बल्कि हार्डवेयर-लेवल इंजीनियरिंग बदलाव है.
अब यही क्रीज़-लेस पैनल Galaxy Z Fold 8 में आने की उम्मीद है. फोन में करीब 8 इंच की बड़ी फोल्डेबल OLED स्क्रीन और बाहर 6.5 इंच की कवर स्क्रीन मिलेगी.
Galaxy Z Fold 8 में क्या हो सकता है खास?
दोनों में 120Hz रिफ्रेश रेट होगा. प्रोसेसर के तौर पर Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट आने की बात है, जो बड़े डिस्प्ले पर मल्टी-टास्किंग को स्मूद रखेगा. ये प्रोसेसर दुनिया का पहला 2nm आर्किटेक्चर पर बना हुआ मोबाइल प्रोसेसर होगा. रिपोर्ट के मुताबिक ये प्रोसेसर सैमसंग की फैसिलिटी में तैयार किया जाएगा.
कैमरा में भी बड़ा अपग्रेड दिख सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 200 मेगापिक्सल का मेन कैमरा दिया जा सकता है, ताकि यह फोन सिर्फ बड़ी स्क्रीन वाला डिवाइस नहीं, बल्कि फ्लैगशिप कैमरा फोन जैसा भी काम करे.
बैटरी साइज भी बढ़ने की उम्मीद है. पिछले मॉडल में 4400mAh की बैटरी है, जबकि Fold 8 में करीब 5000 mAh बैटरी होने की खबर है. बड़ी स्क्रीन के बावजूद बैटरी बैलेंस बेहतर रखने की कोशिश साफ दिखती है. हालांकि इस बार भी कंपनी Silicon Carbon बैटरी टेक यूज करता है या नहीं ये क्लियर नहीं है. क्योंकि सैमसंग फिलहाल अपने फ्लैगशिप में इस टेक को यूज नहीं करता.
लॉन्च टाइमलाइन भी लगभग तय पैटर्न में है. सैमसंग हर साल जुलाई के आसपास अपनी फोल्ड सीरीज़ पेश करता है. इसलिए Galayx Z Fold 8 के 2026 की दूसरी छमाही में आने की उम्मीद है.
अगर क्रीज़-लेस डिस्प्ले के साथ सैमसंग का ये फोन आता है तो ये वाकई इस स्पेस के लिए बड़ा टर्निंग प्वाइंट होगा. क्योंकि कंपनी ने पहले से ही फोल्डेबल फोन को एक नॉर्मल फोन से भी पतला बना दिया है. कुल मिला कर अब ये एक रेस की तरह हो चुका है कि बिना क्रीज वाला फोल्डेबल फोन पहले कौन लाएगा? ऐपल या सैमसंग?
मुन्ज़िर अहमद