फॉलोअर्स की कमी छिपाने के लिए क्या राघव चड्ढा ने उतारा बॉट माफिया? सोशल मीडिया पर मचा कोहराम!

राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स घटने के बाद फेक फॉलोअर्स जोड़ने के आरोप लगे. एक्सपर्ट्स ने संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान की. जिससे उनकी सोशल मीडिया क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठने लगे.

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राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोर्स तेजी से घट रहे हैं राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोर्स तेजी से घट रहे हैं

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 28 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:45 PM IST

राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर लिया है. ऐलान के तुरंत बाद युवाओं के आइडल बने राघव चड्ढा को भारी विरोध का सामना करना पड़ा.

इंस्टाग्राम पर उनके कई फॉलोअर्स, जो पहले उन्हें पसंद करते थे, अब उन्हें ट्रोल करने लगे और सोशल मीडिया पर अनफॉलो का ट्रेंड चल पड़ा. इसी के चलते राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम पेज से एक ही दिन में करीब 10 लाख फॉलोअर्स कम हो गए. 

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जानिए क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर बढ़ती क्रिटिसिज्म के बीच अनफॉलो का ट्रेंड तेज हो गया. जिससे उनके अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या घट गई. आज के समय में राजनीतिक नेता जमीनी के साथ-साथ अपनी सोशल मीडिया मौजूदगी पर भी उतना ही ध्यान देते हैं. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकें और अपनी बात रख सकें. अब यह खेल पीआर और सोशल मीडिया का भी बन चुका है.

जानिए कैसे बढ़ाए जाते हैं फेक फॉलोअर्स?

जैसे ही राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर फॉलोअर्स कम हुए. वैसे ही उनकी इमेज बचाने के लिए उनके अकाउंट पर फेक फॉलोअर्स या बॉट अकाउंट्स से फॉलो करवाया गया. सोशल मीडिया पर एक्सपर्ट्स ये दावा कर रहे हैं कि राघव को लाखों बॉट अकाउंट्स तेजी से फॉलो कर रहे हैं. 

ताकि यह दिखाया जा सके कि लोग अभी भी उन्हें पसंद कर रहे हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स की नजर इस पर पड़ गई और यह खुलासा हो गया कि उनके अकाउंट पर फेक फॉलोअर्स बढ़ाए गए हैं. 

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आखिर क्या होते हैं फेक फॉलोअर्स या बॉट फॉलोअर्स? जानिए.

फेक या बॉट फॉलोअर्स वे अकाउंट होते हैं जो सिर्फ नाम के लिए बनाए जाते हैं. जिन्हें कोई असली इंसान इस्तेमाल नहीं करता. ऐसे फॉलोअर्स को थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स की मदद से बढ़ाया जाता है.

गौरतलब है कि बॉट अकाउंट्स से फॉलोअर्स बढ़ाना इन दिनों काफी आसान है. टेलीग्राम पर ऐसे कई चैनल्स हैं जो कुछ रुपये में हजारों फॉलोअर्स बढ़ाने का दावा करते हैं. ये दरअसल एक स्कैम का पार्ट होता है, स्कैमर्स टेलीग्राम के जरिए लोगों को कुछ रुपये दे कर उनसे बल्क में अकाउंट फॉलो करवाते हैं. इसके बदले यूजर्स को कुछ पैसे भी दिए जाते हैं.

लेकिन फेक फॉलोअर्स जोड़ने से राघव चड्ढा की क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठने लगे हैं और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. नए फॉलोअर्स में ज्यादातर अकाउंट्स इसी महीने बनाए गए हैं. इतना ही नहीं, इन अकाउंट्स में ना तो फॉलोअर्स हैं ना ही कोई पोस्ट्स हैं. इससे साफ जाहिर हो रहा है कि वो अकाउंट्स फेक हैं. 

जानिए कैसे पता चलता है कि इंस्टाग्राम पर फेक फॉलोअर्स हैं.

फेक फॉलोअर्स को पहचानना काफी आसान होता है. प्रोफाइल खोलकर फॉलोअर्स की लिस्ट में अगर आपको ऐसे अकाउंट्स मिलते हैं जिनकी न प्रोफाइल फोटो होती है, न कोई पोस्ट, और न ही कोई खास फॉलोअर्स और ऐसे अकाउंट्स बड़ी संख्या में दिखाई दें तो समझिए कि वे फेक हो सकते हैं.

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राघव चड्ढा के मामले में भी ऐसे ही फेक फॉलोअर्स का खुलासा एक्सपर्ट्स ने किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया.

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