OnePlus कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पीट लाउ के खिलाफ मंगलवार को गिरफ्तारी का आदेश हुआ है. ये ऑर्डर ताइवान प्रोसिक्यूटर्स की तरफ से जारी किए गए हैं.
चीनी स्मार्टफोन मेकर कंपनी के CEO पर कई आरोप लगाए गए हैं. इसमें गैर कानूनी बिजनेस और भर्ती में गलत नियमों का पालन किया जा रहा है.
11 साल से गैर कानूनी नेटवर्क चलाने का आरोप
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान के शिलिन के डिस्ट्रिक प्रोसिक्यूटर ऑफिस ने पीट लाउ पर 2014 से अब तक एक अवैध नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया गया. इसमें 70 से ज्यादा ताइवानी इंजीनियरों की भर्ती किया गया था.
ताइवान के नियमों का उल्लंघन किया है
जांच में पाया गया है कि वनप्लस ने स्थानीय नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके तहत ताइवानी नागरिकों को सरकार की बिना परमिशन के चीनी कंपनियों के साथ काम करने की परमिशन नहीं होती है.
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दो स्थानीय नागरिकों पर भी आरोप
पीट लाउ की भर्ती प्रोसेस में मदद करने वाले दो स्थानीय नागरिकों पर भी आरोप लगाए गए हैं. आरोप में बताया है कि ये एक्टिविटी उन कानूनों का उल्लंघन करती हैं, जिनका असली मकसद टेक्नोलॉजी को बाहर जाने से रोकना है. असल में ताइवान की इकोनॉमिक्स का बेस सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी इंडस्ट्री हैं.
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बीते साल भी लगे थे ऐसे आरोप
ताइवान के प्रोसिक्यूटर ने इसी तरह के आरोप बीते साल ग्रेस वांग के खिलाफ लगाए थे, जो Luxshare Precision के चेयरमैन हैं. ये कंपनी Apple के लिए बड़े स्टर पर सप्लाई करती है.
वनप्लस साल 2014 में शुरू हुआ था. अपने दमदार हार्डवेयर की बदौलत अपनी जगह लोगों के बीच बनाता चला गया. इसका नाम नेवर सेटल लोगों को काफी पसंद आता. हालांकि साल 2020 में कार्ल पेई ने OnePlus छोड़ दिया.
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