दिल्ली और मुंबई पुलिस की वेबसाइट अचानक डाउन हो गई है. हालांकि, कुछ वक्त में दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पहले की तरह काम करने लगी है, जबकि मुंबई पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट खबर लिखे जाने तक नहीं खुल रही थी. मुंबई पुलिस ने इस मामले में बयान जारी कर वेबसाइट डाउन होने की वजह बताई है.
मुंबई पुलिस ने बताया है कि उनकी आधिकारिक वेबसाइट सर्वर की समस्या के वजह से डाउन है. वहीं दिल्ली पुलिस ने इस मामले में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है. दोनों ही पुलिस की वेबसाइट ऐसे मौके पर डाउन हुई है, जब दुनियाभर के तमाम बड़े नेता G20 समिट में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंच रहे हैं.
माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट X पर कई एक्सपर्ट्स दावा कर रहे हैं कि ऐसा साइबर अटैक की वजह से हो सकता है. गौरतलब है कि G20 को लेकर भारत में साइबर अटैक से बचने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स को खास तौर पर इससे निपटने के लिए कहा गया है. कई बार इस तरह के बड़े इवेंट के दौरान हैकर्स साइबर अटैक करके कई जरूरी वेबसाइट्स को ठप कर देते हैं.
हालांकि ऑफिशियल बयान में किसी तरह के साइबर अटैक की कोई जानकारी नहीं दी गई है.
इस वक्त दिल्ली एक हॉट स्पॉट बना हुआ है और पुलिस हर तरह से चौकन्ना है. 9 सितंबर और 10 सितंबर को होने वाले G20 समिट में दुनिया के बीस सबसे ताकतवर देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं. भारत मंडपम में होने वाले इस समिट को लेकर पुलिस ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था की हुई है.
दिल्ली के कुल 35 किलोमीटर एरिया में 5000 CCTV कैमरे लगे हुए हैं. साथ ही स्पेशल कंट्रोल रूम और पचास हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी, K9 डॉग स्कॉड भी पुलिस की सहायता के लिए मौजूद हैं. इस सम्मेलन को देखते हुए जमीन, आसमान और हवा तक पर नजर रखी जा रही है.
पुलिस इस मौके पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल कर रही है. पिछले कुछ वक्त में साइबर अटैक के कई मामले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखे गए हैं. इसे लेकर भी पुलिस पूरी तरह से चौकन्ना है. एक्सपर्ट्स की एक टीम लगातार साइबर अटैक को लेकर अलर्ट पर है. खास तौर से उन जगहों पर जहां विदेशी मेहमान ठहरे हुए हैं.
होटल में लगे CCTV कैमरे में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया है. ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति की एंट्री पर उसे आसानी से पहचाना जा सके. यहां तक कि होटल में काम करने वाले स्टाफ का भी कई बार वेरिफिकेशन किया गया है.
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत मंडपम यानी प्रगति मैदान तक रास्ते को अलग-अलग जोन में बांटा गया है. हर जोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी अलग-अलग कमांडरों को दी गई है. पुलिस ने 400 से अधिक क्विक रिस्पॉन्स टीम को तैनात किया है.
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