90 लाख एंड्रॉयड फोन्स को हाईजैक करने वाले चीनी नेटवर्क का पर्दाफाश

आपके फोन में चल रहा गेम या कोई ऐप अगर किसी और के लिए काम कर रहा हो, तो आप क्या करेंगे. ऐसा ही कुछ ऐप्स सामने आए हैं, जिन्हें IPIDEA नेटवर्क हैकर्स के लिए इस्तेमाल करता था. ये ऐप्स किसी यूजर के फोन में घुसकर उसे एक प्रॉक्सी नेटवर्क में बदल देते थे. इसके बाद आपका फोन हैकर्स को छिपने में मदद करता था.

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लोगों के फोन को प्रॉक्सी नेटवर्क में बदलता था ये नेटवर्क. (Photo: Pixabay) लोगों के फोन को प्रॉक्सी नेटवर्क में बदलता था ये नेटवर्क. (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

क्या हो अगर आपके फोन में मौजूद कोई ऐप या गेम, आपके फोन का इस्तेमाल साइबरक्राइम में कर रहा हो. Google ने IPIDEA को डिस्मैंटल किया है, जो दुनिया भर में लाखों फोन्स में छिपकर साइबर क्रिमिनल्स के लिए काम कर रहा था. इसे चीनी कंपनी ऑपरेटर करती थी, जो दुनिया के सबसे बड़े मैलेशियस प्रॉक्सी नेटवर्क के रूप में सामने आया है. 

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इसकी जद में दुनिया भर के लगभग 90 लाख एंड्रॉयड फोन्स थे. ये फोन्स IPIDEA का शिकार होने के बाद आपकी जानकारी के बिना किसी और के लिए काम करता था. इसका सीधा फायदा हैकर्स को मिलता था. 

कैसे काम करता था ये नेटवर्क? 

अमूमन आप जिन ऐप्स को फ्री VPN, गेम्स या यूटिलिटी समझकर इंस्टॉल करते थे, ये उनमें छिपा होता था. इन ऐप्स या गेम्स में छिपे SKD यूजर की जानकारी के बिना उनके इंटरनेट बैंडविड्थ को रेंट पर देते थे. IPIDEA ने सॉफ्टवेयर डेवल्पमेंट किट को 600 से ज्यादा एंड्रॉयड ऐप्स में एम्बेड किया था. 

ये ऐप्स आपके फोन को एक डिजिटल टूल में बदल देते थे, जो हैकर्स के लिए काम करते थे. यूजर्स को इसकी जानकारी भी नहीं होती थी. जनवरी की शुरुआत में ही लगभग 500 थ्रेट ग्रुप्स ने IPIDEA नेटवर्क का इस्तेमाल किया था. 

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आसान भाषा में बताए, तो साइबर क्रिमिनल्स इस नेटवर्क का इस्तेमाल अपनी पहचान छिपाने के लिए करते थे, जिसमें ये नेटवर्क उनकी मदद करता था. ये ऐप्स साइबर क्रिमिनल्स के ट्रैफिक को आम घरों के इंटरनेट जैसा दिखने में मदद करता था. इससे उन्हें पड़ना मुश्किल हो जाता है. 

गूगल की थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप ने क्लाउड फ्लेयर, फेरडरल कोर्ट और साइबर सिक्योरिटी फर्म के साथ मिलकर इसे रोकने पर काम किया है. गूगल ने दर्जनों कमांड एंड कंट्रोल डोमेन को सीज किया है, जिससे IPIDEA के पूरे ऑपरेशन को रोका गया है. हालांकि, ये प्रॉब्लम अभी भी पूरी तरह से हल नहीं हुई है. इससे बचने के लिए थर्ड पार्टी ऐप्स को अनजान सोर्स से डाउनलोड ना करें.

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क्या करना चाहिए आपको?

गूगल ने एंड्रॉइड डिवाइस से इस नेटवर्क से जुडे़ ऐप्स को हटाना शुरू कर दिया है. साथ ही कंपनी ने Google Play Protect सिस्टम को अपडेट किया है. इससे IPIDEA कोड वाले ऐप्स को ऑटोमेटिक ब्लॉक या डिलीट किया जा सकेगा. बेहतर होगा आप अपने फोन का लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल कर लें.

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कैसे इंस्टॉल होगा लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट? 

सॉफ्टवेयर अपडेट को इंस्टॉल करना बहुत ही आसान है. इसके लिए आपको फोन की सेटिंग में जाना होगा. यहां आपको सिस्टम और अपडेट का विकल्प मिलेगा. इस पर टैप करने पर आपको सॉफ्टवेयर अपडेट का विकल्प मिलेगा. यहां क्लिक करके आप लेटेस्ट अपडेट को चेक कर सकते हैं. आपका फोन अपडेटेड या नहीं इसकी जानकारी मिल जाएगी.

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