गाजियाबाद के 13 साल के बच्चे ने बना दिया AI डॉक्टर, Shark Tank पर मिली ₹60 लाख फंडिंग

Shark Tank Season 5 में कई दिलचस्प टेक स्टार्टअप देखने को मिल रहे हैं. AI से जुड़े कई स्टार्टअप हैं जिनमे Neurapex AI की काफी चर्चा हो रही है. इसकी वजह ये भी है कि इसे 13 साल के बच्चे ने बनाया है.

Advertisement
Neurapex AI को मिली फंडिंग (Representational Image: Photo: Unsplash) Neurapex AI को मिली फंडिंग (Representational Image: Photo: Unsplash)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:32 PM IST

Shark Tank India के हालिया एपिसोड में गाजियाबाद के 13 साल के जयवर्धन त्यागी ने एक AI-बेस्ड हेल्थटेक प्रोजेक्ट पेश किया. जयवर्धन ने Neurapex AI नाम का स्टार्टअप शुरू किया है. Shark Tank India Season 5 में इस स्टार्टअप को फंडिंग भी मिली है और इंटरनेट पर इसकी चर्चा भी हो रही है. 

यह कोई फिटनेस ऐप या जनरल चैटबॉट नहीं है. Neurapex AI का फोकस मेडिकल डेटा को प्रोसेस करके डॉक्टरों के लिए सपोर्ट सिस्टम तैयार करना है. 

Advertisement

आसान भाषा में कहें तो यह प्लेटफॉर्म MRI स्कैन, मेडिकल इमेज और लैब रिपोर्ट जैसे डेटा को पढ़कर पैटर्न पहचानने की कोशिश करता है. इसके बाद सिस्टम डॉक्टर को एक स्ट्रक्चर्ड रिपोर्ट देता है, जिससे शुरुआती डायग्नोसिस और केस-प्रायोरिटी तय करने में मदद मिल सकती है.

आज हेल्थकेयर में डॉक्टर्स पर बढ़ता डेटा एक्स्ट्रा लोड की तरह है. बड़े अस्पतालों में हर दिन सैकड़ों MRI और स्कैन आते हैं. हर इमेज को मैन्युअली पढ़ने में समय लगता है. इसी गैप को भरने के लिए दुनिया भर में AI ऐसिस्टेड रेडियोलॉजी टूल पर काम चल रहा है. Neurapex AI भी इसी डायरेक्शन में काम कर रहा है.

यह भी पढ़ें: चार लोगों की टीम को Open AI ने 900 करोड़ रुपये में खरीदा, अब ChatGPT देगा आपकी हेल्थ रिपोर्ट

टेक्निकल लेवल पर बात करें तो ये प्लेटफॉर्म इमेज रिकग्निशन मॉडल का इस्तेमाल करता है. यानी मेडिकल इमेज को पिक्सल लेवल पर पढ़कर, पहले से ट्रेन किए गए डेटासेट से तुलना की जाती है. 

Advertisement

अमन गुप्ता से मिली 60 लाख रुपये की फंडिंग

इस स्टार्टअप को फिलहाल कंप्लायंस, सर्टिफिकेशन और मेडिकल वैलिडेशन की काफी जरूरत है. हालांकि BoAt के फाउंडर अमन गुप्ता ने 60 लाख रुपये निवेश किया है और इसके बदले उन्हें कंपनी ने 5% की इक्विटी दी गई है.

सिस्टम संभावित असामान्यता को मार्क करता है. इसके बाद फाइनल डिसिजन डॉक्टर के पास रहता है. मतलब यह डॉक्टर को रिप्लेस नहीं करता, बल्कि डिसिजन टूल सपोर्ट की तरह काम करता है.

यही वजह है कि Sharks ने पिच के दौरान टेक्नोलॉजी की दिशा को सही माना, लेकिन यह भी साफ कहा कि क्लिनिकल वैलिडेशन और हॉस्पिटल इंटीग्रेशन अभी अगला बड़ा स्टेप है. हेल्थकेयर में कोई भी AI टूल तभी स्केल कर सकता है जब उसे डॉक्टरों और मेडिकल रेगुलेटरी सिस्टम से अप्रूवल मिले.

Neurapex AI का मौजूदा वर्जन अभी शुरुआती स्टेज पर है. यह वेब-बेस्ड प्लेटफॉर्म है जहां मेडिकल इमेज अपलोड करके प्रोसेस की जाती है. अभी इसका उपयोग लिमिटेड टेस्टिंग और डेमो लेवल पर है. फिलहाल ऑन रिक्वेस्ट डेमो का ऑप्शन वेबसाइट पर एवेलेबल है. यानी आप डायरेक्ट वेबसाइट पर जा कर आप इसे यूज नहीं कर सकते हैं.

कंपनी का प्लान आगे चलकर इसे हॉस्पिटल सिस्टम और डायग्नोस्टिक लैब्स के साथ जोड़ने का है, ताकि डॉक्टर सीधे अपने वर्कफ्लो में इसका इस्तेमाल कर सकें.

Advertisement

यह भी साफ है कि 13 साल की उम्र में बनाया गया यह सिस्टम कंप्लीट प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक प्रोटोटाइप और टेक डेमो है. असली चुनौती आगे आएगी. क्योंकि डेटा सिक्योरिटी, मेडिकल डेटा प्राइवेसी, मॉडल एक्यूरेसी और रेगुलेटरी कंप्लायंस आसान नहीं है. यही वो फैक्टर हैं जो तय करेंगे कि यह सिर्फ़ टीवी शो तक सीमित रहेगा या असल अस्पतालों में जगह बना पाएगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement