Cleartrip का डेटा लीक, डार्क वेब पर बेची जा रही है कस्टमर्स की जानकारी, यूजर्स को दी गई ये सलाह

एक बार फिर से डेटा ब्रीच की घटना सामने आई है. इस बार Cleartrip डेटा ब्रीच का शिकार बना है. इसके लेकर कस्टमर्स को ईमेल्स भी भेजे गए हैं. यूजर्स को पासवर्ड बदल लेने के लिए कहा गया है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST
  • कस्टमर्स के डेटा को डार्क वेब पर बेचा जा रहा था
  • यूजर्स को पासवर्ड बदलने की सलाह

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Cleartrip को डेटा ब्रीच का शिकार होना पड़ा है. Cleartrip के इंटरनल सिस्टम से डेटा ब्रीच हुआ है. कंपनी ने इसको लेकर कस्टमर्स को ईमेल भी भेजा है. 

फ्लिपकार्ट की इस कंपनी ने बताया है कि कोई भी सेंसिटिव जानकारी लीक नहीं हुई है. हालांकि, सुरक्षा कारणों से कंपनी ने कस्टमर्स को पासवर्ड बदल लेने के लिए कहा है. कंपनी ने ये भी कहा है कि ये साइबर ऑथोरिटी से कॉन्टैक्ट में है और इसके लिए कानून के हिसाब से लीगल एक्शन ले रही है. 

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सिक्योरिटी रिसर्चर Sunny Nehra ने इसको लेकर ट्विटर पर एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है. उन्होंने इसे बड़ी घटना बताई है. उन्होंने ट्वीट करके लिखा है कि Cleartrip एक बड़े डेटा ब्रीच का शिकार हुआ है. इस स्क्रीनशॉट को थ्रेट एक्टर ने प्राइवेट फोरम पर डेटा बेचने के लिए पोस्ट किया था. 

ट्वीट में आगे बताया गया है कि जैसा की आप देख सकते हैं कि ये ब्रीच नया है. इसमें कस्मटर्स की एंट्री इंफो के साथ कंपनी की इंटरनल फाइल्स भी शामिल हैं. नेहरा ने जो स्क्रीनशॉट शेयर किया है वो दिखाता है कि ये हैक इस साल अप्रैल-मई के बीच हुआ था. 

आपको बता दें कि Cleartrip की वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स के जरिए आप फ्लाइट्स और होटल्स बुक कर सकते हैं. 17 जुलाई को सिक्योरिटी और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Sebi) ने एक शिकायत साइबर घटना को लेकर करवाई थी. हालांकि, कैपिटल मार्केट रेगुलेटर ने बताया किसी भी सेंसिटिव डेटा की चोरी नहीं हुई थी. 

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इससे पहले 25 मई को SpiceJet ने रैंसमवेयर अटैक को लेकर रिपोर्ट किया था. इस अटैक से फ्लाइट की डिपार्चर स्लो डाउन हो गई थी. एक डेटा के अनुसार, पिछले 18 साल में 250 मिलियन से ज्यादा भारतीय यूजर्स के यूजरनेम और पासवर्ड ऑनलाइन ब्रीच हुए थे. 

 

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