निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 ने भारत के गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स सेक्टर की दुनिया ही बदल दी है. अगर आप एक गेमर हैं या ई-स्पोर्ट्स में करियर बनाना चाहते हैं, तो आज का दिन आपके लिए किसी 'लेवल-अप' से कम नहीं है.
गेमिंग के लिए 'स्पेशल जोन': ABGC लैब्स की एंट्री
बजट का सबसे बड़ा धमाका रहा ABGC (Animation, Visual Effects, Gaming, and Comics) कंटेंट क्रिएटर लैब्स सेटअफ का ऐलान.
सरकार ने साफ कर दिया है कि गेमिंग अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक बड़ी अर्थव्यवस्था है. इन लैब्स के जरिए अब छोटे शहरों के टैलेंटेड युवाओं को भी वे टूल्स और सॉफ्टवेयर मिल सकेंगे, जो पहले सिर्फ बड़े स्टूडियो के पास होते थे. इससे भारत में वर्ल्ड-क्लास गेम्स बनने का रास्ता साफ हो गया है.
ई-स्पोर्ट्स (Esports): अब असली खेल का मैदान
वित्त मंत्री ने ई-स्पोर्ट्स को एक प्रोफेशनल खेल के रूप में और मजबूती देने के संकेत दिए हैं. बजट में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है. इसका सीधा मतलब है... तेज़ 5G कनेक्टिविटी और कम 'लैग'. अब भारतीय ई-स्पोर्ट्स एथलीट्स बिना किसी टेक इंट्रप्शन के इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स में मुकाबला कर सकेंगे.
साथ ही, गेमिंग को स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे गेमिंग गियर और एक्सेसरीज सस्ती होने की उम्मीद है.
15,000 स्कूल और 500 कॉलेज में लैब्स
बजट में घोषणा की गई कि देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC (Animation, Visual Effects, Gaming and Comics) कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोले जाएंगे. इन लैब्स का मकसद है युवाओं को गेमिंग, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट तैयार करना सिखाना.
AI और स्किलिंग: गेमर्स बनेंगे डेवलपर्स
सरकार ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को गेमिंग का भविष्य बताया है. बजट में युवाओं को नई स्किल्स सिखाने के लिए जो फंड दिया गया है, उसका एक बड़ा हिस्सा गेमिंग और ग्राफिक्स डिजाइनिंग जैसे कोर्सेस पर खर्च होगा. यानी अब आपको गेमिंग सीखने के लिए महंगे प्राइवेट इंस्टिट्यूट के चक्कर नहीं काटने होंगे.
गेम ऑन है!
कुल मिलाकर, बजट 2026 ने भारत को 'ग्लोबल गेमिंग हब' बनाने की नींव रख दी है. जहां पहले माता-पिता गेमिंग को वक्त की बर्बादी समझते थे, अब सरकार द्वारा इन कंटेंट लैब्स और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने से इसे एक सम्मानित करियर के रूप में देखा जाएगा.
गेमिंग अब बड़ी इंडस्ट्री
बजट में गेमिंग और AVGC सेक्टर पर जोर देना इस बात का संकेत है कि सरकार इसे आर्थिक अवसर के तौर पर देख रही है. इस सेक्टर में डिजिटल स्किल्स, डिजाइन ट्रेनिंग और नए टूल्स के इस्तेमाल से भारत के लिए नई नौकरियों और टेक्नोलॉजी ग्रोथ के दरवाजे खुल सकते हैं.
ई-स्पोर्ट्स को मान्यता?
इस बार बजट में सीधे ई-स्पोर्ट्स के लिए कोई अलग पॉलिसी नहीं बताई गई, लेकिन गेमिंग और AVGC को बड़े पैमाने पर सपोर्ट देने का निर्णय ई-स्पोर्ट्स को भी मजबूती देगा. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इससे ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों को और ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और करियर ऑप्शंस मिल सकते हैं जब सरकार इसे एक लीगल इंडस्ट्री के रूप में आगे बढ़ाएगी, खासकर अगर टैक्स और GST नियमों में सुधार आता है.
सरल शब्दों में क्या बदलेगा
अब छोटे शहरों के युवाओं को भी गेमिंग और डिज़ाइन सीखने के बहुत मौके मिलेंगे.
स्कूल-कॉलेज में नई लैब्स बनेंगी जहां टेक ट्रेनिंग मिलेगी.
गेमिंग और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में नौकरियों की संभावना बढ़ेगी.
यह सेक्टर बड़े आर्थिक हिस्से के रूप में तैयार होने लगेगा.
मुन्ज़िर अहमद